एक बार फिर लगा एचटेट परीक्षा में घोटाले का आरोप, 6 हजार के CCTV कैमरा का ठेका देकर 1 हजार में लिए

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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की एचटेट परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था में घोटाले का आरोप बोर्ड कर्मचारियों ने एक बार फिर से बोर्ड प्रशासन पर लगाया है। अबकी बार बोर्ड कर्मचारियों ने कहा कि एचटेट परीक्षाओं के दौरान शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के लिए जहां संबंधित कम्पनी को 6 हजार रूपये प्रति कैमरा किराया दिया है, वही बोर्ड के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था करने वाली कम्पनी ने इस कांट्रेक्ट को आगे मात्र एक हजार रूपये में दोनों दिन कैमरा किराया पर लेने के लिए रोहतक की विजल प्लस कम्पनी को दे दिया था।
बोर्ड कर्मचारी यूनियन नेता ऋषिराम शर्मा ने बताया कि बोर्ड कर्मचारी लंबे समय से धरना करते हुए एचटेट परीक्षाओं के दौरान हुए घोटाले की जांच की मांग करते आ रहे हैं। परन्तु अभी तक इस मामले की जांच शुरू नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड ने एचटेट-2017 की परीक्षाओं के संचालन के दौरान करोड़ों का घोटाला हुआ है। उन्होंने इसके संबंध में डोक्यूमैंट दिखाते हुए बताया कि शिक्षा बोर्ड से सीसीटीवी कैमरों को ठेका लेने वाली कम्पनी ने टैंडर के माध्यम से प्रति कैमरा किराया 6 हजार रूपये लेने का कांट्रेक्ट बोर्ड से साईन किया। वहीं इस कम्पनी ने रोहतक जिले के 39 सैंटरों पर 624 कैमरे लगाने के लिए प्रति कैमरा हजार रूपये में विजन प्लस कम्पनी को कांट्रेक्ट आगे दे दिया (सबलेट) कर दिया। इस प्रकार एक हजार रूपये के काम के बदले बोर्ड से कांट्रेक्ट साईन करने वाली कम्पनी ने पांच हजार रूपये प्रति कैमरा कमाए।
इस बात का पता कुछ ऐसा लगा जब विजन प्लस कम्पनी को 624 कैमरों के लिए जीएसटी जोडक़र 7 लाख 36 हजार 320 रूपये भुगतान किया जाना था। इनमे 624 कैमरों के प्रति कैमरा के हिसाब से 6 लाख 24 हजार बनता है तथा एक लाख 12 हजार 320 जीएसटी बनता है। अब रोहतक की विजन प्लस कम्पनी ने उनके बकाया 92 हजार 630 रूपये अभी तक न मिलने के शिक्षा बोर्ड और सम्बंधित कम्पनी को नोटिस भेजा है। इस नोटिस के बाद प्रति कैमरा एक हजार रूपये आबंटित करने का मामला बोर्ड कर्मचारियों के सामने आया है।

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