अब हरियाणा के कॉलेजों में भी तबादले ऑनलाइन होंगे, पॉलिसी तैयार

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Yuva Haryana

Chandigarh, 28 March 2018

 

हरियाणा सरकार ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की सुरक्षा के लिए शिक्षकों का समान और मांग आधारित वितरण सुनिश्चित करने तथा शिक्षकों में निष्पक्ष और पारदशी ढंग से कार्य संतुष्टि बढ़ाने के उद्देश्य से राजकीय महाविद्यालयों के सहायक/एसोसिएट प्रोफेसरों की ऑनलाइन स्थानांतरण नीति-2018 तैयार की है। प्रारूप स्थानांतरण नीति 15 अप्रैल, 2018 तक सभी हितधारकों के सुझाव या आपत्तियां आमंत्रित करने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग की वैबसाइट पर डाली गई है और  हितधारकों से transferpolicyhedu@gmail.com पर सुझाव मांगे गये हैं।

यह स्थानांतरण नीति अधिसूचना की तिथि से लागू होगी। इसके बाद, राज्य संवर्ग के सहायक/ एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रदेश में किसी भी समय कहीं भी स्थानांतरित किया जा सकेगा। यह स्थानांतरण नीति उच्चतर शिक्षा विभाग के अन्तर्गत राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत सभी सहायक/एसोसिएट प्रोफेसरों पर लागू होगी। पात्र सहायक/एसोसिएट प्रोफेसरों को राजकीय महाविद्यालयों का अपना विकल्प देना होगा।

प्रथम विकल्प जोन-1 महाविद्यालयों (ग्रामीण एवं दुर्गम) तथा दूसरा विकल्प जोन-2 महाविद्यालयों के लिए देना होगा। ये विकल्प देते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका विषय उन महाविद्यालयों में पढ़ाया जा रहा हो। हालांकि एन्थ्रोपॉलोजी, बायोटेक, इलेक्ट्रानिक्स, फाइन आर्ट्स, जियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी,  फिलॉसफी, पब्लिक एडमिनिस्टे्रशन और टूरिज्म के सहायक/एसोसिएट प्रोफेसर इस नीति के तहत कवर नहीं होंगे। स्थानांतरण करते समय विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को सर्वोपरि रखा जाएगा।

सामान्य स्थानांतरण सरकार द्वारा अधिसूचित समय सारणी के अनुसार वर्ष में केवल एक बार किए जाएंगे। हालांकि, प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार हरियाणा सरकार और केन्द्र सरकार के विभागों या संगठनों के कर्मचारियों के पति या पत्नी का स्थानांतरण या अनुकम्पा आधार पर स्थानांतरण वर्ष के दौरान किसी भी समय किया जा सकता है। इन आधारों के तहत स्थानांतरण के लिए कारण फाइल पर दर्ज किए जाएंगे।

वास्तविक रिक्तियों (स्वीकृत पदों)तथा डिम्ड रिक्तियों, वरीयता की गणना, ठहराव (स्टे) की गणना के लिए अर्हता तिथि प्रत्येक वर्ष की 30 अप्रैल होगी। वास्तविक रिक्तियों तथा डीम्ड रिक्तियों की अधिसूचना प्रत्येक वर्ष पहली अप्रैल से 30 अप्रैल तक की जाएगी। पात्र सहायक/ एसोसिएट प्रोफेसरों को राजकीय महाविद्यालयों का अपना विकल्प प्रत्येक वर्ष पहली मई से 15 मई तक आनलाइन जमा करवाना होगा। स्थानांतरण आदेश प्रत्येक वर्ष की पहली जून से 30 जून तक जारी किए जाएंगे।

सभी नए भर्ती उम्मीदवारों को रिक्ति उपलब्ध होने पर भर्ती एजेंसी द्वारा भेजी गई मेरिट सूची के अनुसार ग्रामीण राजकीय महाविद्यालयों में नियुक्त किया जाएगा। इसके  अलावा, इस नीति के तहत दी गई प्राथमिकताओं के अनुसार नियुक्ति के उनके प्रथम स्थान के लिए आयु और रोस्टर प्वाइंट को भी ध्यान में रखा जाएगा। यदि ग्रामीण राजकीय महाविद्यालयों में कोई रिक्ति नहीं है तो वे शहरी राजकीय महाविद्यालयों में भी अपनी वरीयता दे सकते हैं।

दिए गए विकल्प वाले राजकीय महाविद्यालय में स्थानांतरण या नियुक्ति को अधिकार नहीं माना जाएगा। प्रशासनिक आवश्यकता को छोड़कर, एक महाविद्यालय से दूसरे महाविद्यालय में प्रतिनियुक्ति के किसी भी आग्रह पर विचार नहीं किया जाएगा। राजकीय महाविद्यालयों में रिक्तियां प्रत्येक वर्ष अधिसूचित की जाएंगी। एक बार इस्तेमाल और पुष्ट किया गया विकल्प अंतिम होगा और इसे केवल इस नीति के प्रावधानों के तहत ही बदला जा सकता है।

महिला सहायक/एसोसिएट प्रोफेसरों को अधिमानत: राजकीय महिला महाविद्यालय में नियुक्त किया जाएगा। यदि इस नीति के प्रावधान के तहत संरक्षित न हो, तो विशेष राजकीय महाविद्यालय में निरन्तर पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले प्रत्येक सहायक/एसोसिएट प्रोफेसर को स्थानांतरित किया जाएगा।

रिक्ति के लिए आवंटन का निर्णय किसी सहायक/एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा निर्धारित 83 अंकों में से अर्जित कुल संयुक्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। अधिकतम अंक अर्जित करने वाला सहायक/एसोसिएट प्रोफेसर किसी विशेष रिक्ति के खिलाफ स्थानांतरण का हकदार होगा। किसी रिक्ति के समक्ष सहायक/एसोसिएट प्रोफेसर के दावे को तय करने के लिए आयु प्रमुख कारक होगी, क्योंकि इसमें कुल 83 अंकों में से 58 अंकों की वरीयता होगी।

शत-प्रतिशत अशक्त व्यक्तियों को उनकी पसंद की नियुक्ति दी जाएगी और पांच वर्ष के स्टे की शर्त उन पर लागू नहीं होगी। हालांकि महिलाओं, महिला मुखिया वाले परिवारों, विधवाओं, विधुरों, विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों, काननी तलाकशुदा,   गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों जैसी श्रेणियों तथा परिणाम में सुधार दर्शाने वाले सहायक/ एसोसिएट प्रोफेसरों का ध्यान रखते हुए इन श्रेणियों के सहायक/एसोसिएट प्रोफेसरों द्वारा अधिकतम 20 अंकों के विशेष लाभ का दावा किया जा सकता है।

रिक्तियां दो प्रकार की होंगी-वास्तविक रिक्ति और डीम्ड रिक्ति। वास्तविक रिक्ति उस पद को माना जाएगा जो किसी सहायक/एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा अधिकृत न हो, जो पद सेवानिवृत्ति,पदोन्नति, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के कारण या पॉलिसी में दी गई अनुसूची के अनुसार रिक्तियों के प्रकाशन की तिथि को अन्यथा रिक्त हुआ हो।

डिम्ड रिक्ति उस पद को माना जाएगा जो अर्हता तिथि को किसी सहायक/एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा पांच वर्ष या इससे अधिक की अवधि के लिए अधिकृत हो, या ऐसे सहायक/एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा अधिकृत पद, जिसने विशेष परिस्थितियों/नीति में दी गई व्यवस्था के तहत अपने राजकीय महाविद्यालय से स्थानांतरण के लिए विकल्प दे दिया है, परन्तु उस विशेष महाविद्यालय में 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं किया है।

सहायक/एसोसिएट प्रोफेसर किसी भी प्रकार का बाहरी प्रभाव नहीं डलवाएंगे। यदि कोई भी सहायक/एसोसिएट प्रोफेसर इस तरह का प्रभाव डलवाता है तो उसके खिलाफ प्रासंगिक सेवानियमों के तहत कार्यवाही भी अमल में लाई जा सकती है और  उनके सेवा रिकॉर्ड में भी इसकी प्रविष्टि दर्ज की जा सकती है।

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