वन विभाग में ऑनलाइन तबादला नीति शुरु, आज सीएम ने 409 वन गार्डों के एक क्लिक से किये तबादले

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Yuva Haryana
Chandigarh, 25 Oct, 2018
हरियाणा सरकार ने पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए वन विभाग में ऑनलाइन स्थानांतरण प्रणाली शुरू की है, मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज यहां बटन क्लिक करके वन विभाग के 409 वन गार्डों की ऑनलाइन स्थानांतरण सूची जारी की। इस अवसर पर वन मंत्री राव नरबीर सिंह, मुख्य सचिव डी.एस.ढेसी, वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस. एन. राय और प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. अनिल हुड्डा भी उपस्थित थे।
वन विभाग के एक अधिकारी ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि स्थानांतरित  किए गए 409 वन गार्डों में से 154 वन गार्डों को स्टेशन की अपनी पहली वरीयता के अनुसार और 48, 35 और 22 वन गार्डों को क्रमश: स्टेशन की अपनी दूसरी, तीसरी और चौथी वरीयता के अनुसार पोस्टिंग मिली है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में वन विभाग में तैनात कुल 664 वन गार्डों में से ऑनलाइन सिस्टम द्वारा स्थानान्तरण के लिए 409 वन गार्ड की पहचान की गई। स्थानान्तरण नीति के अनुसार, जो वन गार्ड वर्तमान पोस्टिंग पर 30 महीने से अधिक या उसी जिले में 54 महीने से अधिक का समय पूरा कर चुके हैं अथवा वर्तमान में फ्रोजन बीट या विशेष डयूटी पर तैनात हैं और नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहें हैं, उन्हें स्थानांतरण के लिए पात्र माना गया है।
उन्होंने बताया कि विभाग के लिए मसौदा ऑनलाइन स्थानांतरण नीति मार्च, 2018 में तैयार किया गया था जिसमें मैरिट-सह-वरीयता प्रणाली के आधार पर कम्प्यूटरीकृत प्रणाली के माध्यम से वन गार्डों के स्थानांतरण की परिकल्पना की गई थी। मैरिट अंक ऑनलाइन स्थानांतरण नीति के अनुसार निर्धारित किए गए थे। वन गार्डों द्वारा पोस्टिंग वरीयताओं और पोस्टिंग के लिए मैरिट अंक की स्वीकृति को ऑनलाइन इंटरफ़ेस के माध्यम से प्रेषित किया गया था जिससे स्थानान्तरण में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकी है।
ऑनलाइन स्थानांतरण के कार्यान्वयन के लिए हरियाणा नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा सॉफ्टवेयर विकसित किया गया था जबकि वन विभाग द्वारा सभी प्रासंगिक आंकड़ें तैयार किए गए  थे। अपनी वरीयताओं और ऑनलाइन प्रणाली द्वारा गणना किए गए मैरिट अंकों की स्वीकृति देने हेतु वन गार्डों के लिए 9 अगस्त,2018 को ऑनलाइन प्रणाली शुरू की गई थी। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि वन गार्डों को अपने विवरण,मैरिट अंक, अपनी  शिकायतों के निवारण के लिए और ऑनलाइन पोस्टिंग वरीयता देने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
तदोपरांत, डाटा में रिपोर्ट की गई सभी विसंगतियों का विधिवत निवारण किया गया और अंत में सभी पात्र वन गार्डों की मैरिट अंकों की स्वीकृति और उनकी पोस्टिंग वरीयता को उन द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर डाला गया। वन गार्डों की पोस्टिंग वरीयता और उनके मैरिट अंकों के आधार पर ऑनलाइन स्थानांतरण पोर्टल पर एक बटन के क्लिक पर स्थानांतरण सूची जारी की गई।

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