नए घोषित समर्थन मूल्यों से हरियाणा के किसानों को घर जाएंगे 1500 करोड़ रुपये अतिरिक्त -ओमप्रकाश धनखड़

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 04 July, 2018

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 10 वर्षों से चिरप्रतिक्षित स्वीमीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुरूप किसानों को मिलने वाले फसलों के दाम से उनकी दशा और दिशा सुधरेगी और पहली बार लाभ के साथ सीएसीपी फार्मूला के तहत फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है।

केन्द्रीय मंत्रिमण्डल द्वारा लिए गए निर्णय के जानकारी देने के लिए  कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने बुधवार को  चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन किसानों के लिए ऐतिहासिक दिन है।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष लाभ के साथ फसलों के मूल्य निर्धारित होंगे। आज के फैसले से देश के किसानों के खातों में 33,500 करोड़ रुपये तथा हरियाणा के किसानों के खातों में 1500 करोड़ रुपये जाने का अनुमान है, जिसमें से 1200 करोड़ रुपये केवल धान व गेहूं की फसलों से हरियाणा के किसानों के खातों में जाएंगे।

उन्होंने केन्द्र सरकार के इस फैसले को अपने व्यक्तिगत जीवन की भी एक उपलब्धि माना है। उन्होंने कहा कि 1966 के बाद सीएसीपी ने कभी भी लागत पर लाभ शब्द को न्यूनतम समर्थन मूल्य में नहीं जोड़ा था। उन्होंने कहा कि वन रैंक-वन पेंशन की भांति ही केन्द्र सरकार ने हर फसल के दाम बढ़ाएं हैं और हर वर्ष खरीफ व रबी की फसलों में लाभ के साथ वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से  स्वीमीनाथन आयोग की रिपोर्ट की आर्थिक सिफारिशें से आज से ही लागू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि स्वीमीनाथन आयोग ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 प्रतिशत लाभ के साथ घोषित करने का सुझाव दिया था। इसी प्रकार, प्राकृतिक आपदाओं में फसलों के नुकसान पर 10,000 रुपये प्रति एकड़ की बात कही है तो हरियाणा सरकार पहले ही 12,000 रुपये प्रति एकड़ दे रही है।

इसी प्रकार, उन्होंने फसलों के बीमे की बात कही है तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, अरहर (तूर), मूंग, उड़द, कपास, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन, तिल, रामतिल जैसी खरीफ की 14 फसलों के भाव लागत मूल्य पर 50 प्रतिशत लाभ के साथ बढ़ाएं है और इनमें हर वर्ष इसी फार्मूले पर वृद्धि होगी।

 

 

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