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Big Breaking- हरियाणा के सभी जिलों की सीमाएं सील करने के आदेश

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Yuva Haryana, Chandigarh

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने भारी संख्या में प्रवासी मजदूरों की मूवमेंट के दृष्टिगत सभी अंतर्राज्यीय और अंतर-जिला सीमाएं सील करने के निर्देश देते हुए कहा कि जो जहां है, उसे वहीं रोक कर रखा जाए और जाने की अनुमति हरगिज न दी जाए।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बंधित जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि ऐसे लोगों के लिए वहीं पर रिलीफ़ कैंप स्थापित करके उनके खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की जाए और यदि फिर भी कोई जबरदस्ती करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन रिलीफ कैंपों के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएं जो इनके खाने-पीने और स्वास्थ्य इत्यादि का ध्यान रखेंगे। इन कैंपों में सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मुख्य मार्गों के साथ-साथ ऐसे रिलीफ कैंप स्थापित किए जाएं और लोगों को रास्तों पर रहने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाए। इसके अलावा, जिला स्तर पर कॉल सेंटर भी स्थापित किए जाएं।

मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा के इस समय के दौरान  सहायता के लिए विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। उनके लोगों को जिम्मेदारी देकर उन्हें कार्य करने दिया जाए। उन्होंने कहा कि राधा स्वामी सत्संग समेत अनेक सामाजिक संस्थाओं ने हर तरह की मदद की पेशकश की है, ऐसे में लोगों को रखने के लिए इनके भवनों का उपयोग किया जा सकता है। हर ऐसे आश्रय स्थल पर एक अधिकारी नियुक्त किया जाना चाहिए जो लोगों के खाने-पीने समेत विभिन्न जरूरतों का ध्यान रख सके। हर आश्रय पर सरकार की और से स्वास्थ्य तथा सफ़ाई सुविधा का प्रबंध सरकार की और से होना चाहिए। गर्म भोजन की व्यवस्था जहां तक सम्भव हो किसी स्थानीय गैर-सरकारी संस्था को देनी चाहिये। इसके अलावा, जो बुजुर्ग या असहाय व्यक्ति अकेले रह रहे हैं, उनका ध्यान रखने की भी व्यवस्था की जानी चाहिए।

हरियाणा की मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रवासी मजदूरों के भोजन और आवास के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। प्रदेशभर में जिला प्रशासन द्वारा जिलों में 129 रिलीफ व शेल्टर होम बनाए गए हैं और इनमें रूके हुए 29328 श्रमिकों को भोजन दिया जा रहा है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार अंतरराज्यीय सीमाओं पर नाकाबंदी को और सुदृढ़ किया जाए ताकि प्रवासी मजदूरों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। मुख्य सचिव आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रवासी मजदूरों के लिए अंतरराज्यीय सीमाओं और स्थापित किए गए रिलीफ व शेल्टर होम पर प्रत्येक प्रवासी मजदूर की थर्मल स्क्रीनिंग के साथ-साथ सभी प्रकार की चिकित्सा जांच की जाए और यदि किसी में कोई भी लक्षण दिखाए दे तो ऐसे मजदूरों के क्वारंटाइन करने की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में प्रवासी मजदूरों को तुरंत रिलीफ व शेल्टर होम में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को रिलीफ व शेल्टर होम की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने संबंधित जिलों में स्टेडियमों को अस्थायी जेलों में परिवर्तित करना पड़े तो वो भी किया जाए ताकि पैदल चलने वाले इन मजदूरों को वहां रखा जा सके और खाने-पीने की संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, मुख्य सचिव ने कहा कि ‘शेल्टर होम्स’ में रहने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या पर नजऱ रखने के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए कि प्रदेश में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को उनके कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों को उनका वेतन देने के लिए कहा जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उन श्रमिकों को रहने और भोजन की सुविधा भी दी जाए। इसके अलावा, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भोजन और रहने की सुविधा भी सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके वेतन से संबंधित समस्याओं का भी समाधान निकाला जाए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा जारी निर्देशानुसार इस प्राधिकरण के तहत मजदूरों के रहने व खाने-पीने की व्यवस्था एनएचएआई द्वारा ही की जाएगी तो सभी जिला प्रशासन के अधिकारी एनएचएआई के साथ समन्वय स्थापित करके ऐसे सभी श्रमिकों के रहने व खाने-पीने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा अनुमति प्राप्त व्यक्तियों और जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा पास जारी किए गए हैं, केवल उन्हीं लोगों को आवागमन की मंजूरी दी जाए, उनके अलावा, किसी को भी सडक़ों पर आने-जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि 14 दिनों के क्वारंटाइन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले किसी भी व्यक्ति को हरियाणा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि डॉक्टरों, नर्सों व पैरा मेडिकल स्टाफ के स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखा जाए। उन्होंने कहा कि पीपीई किट व अन्य मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता व आपूर्ति भी सुनिश्चित रखें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि यदि खाना न मिलने की शिकायत प्राप्त होती है तो जिला प्रशासन के साथ तालमेल करके तुरंत खाना मुहैया करवाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकार द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों का अधिकतम प्रकाशन सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।

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