समझौता ब्लास्ट में आज पाकिस्तानी गवाहों की होनी थी गवाही, लेकिन कोई नहीं पहुंचा

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Umang Sheoran, Yuva Haryana
Panchkula, 03 August, 2018
समझौता बलास्ट मामले में आज पंचकूला की विशेष NIA कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में मुख्य आरोपी असीमानंद सहित सभी आरोपी कोर्ट में पेश हुए, लेकिन इस मामले में पाकिस्तानी गवाहों के बयान दर्ज नहीं हो पाए।
इस मामले में आज नवनियुक्त एनआईए जज जगदीप सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। आज इस मामले में पाकिस्तानी गवाहों की गवाही होनी थी, लेकिन कोई भी नहीं पहुंचा।
इस मामले में पाकिस्तानी गवाही के लिए विदेश मंत्रालय द्वारा सम्मन भेजे जा चुके हैं। लेकिन अभी तक पकिस्तान की तरफ से कोई जवाब नही भेजा गया है। अब मामले की अगली सुनवाई 17-18 अगस्त को होगी।
क्या है मामला ?
18 फरवरी 2007 को पानीपत में दीवाना के नजदीक समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में ब्लास्ट हुआ था। इस ब्लास्ट से दो बोगियों में आग लगी थी, जिसमें 68 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों यात्री घायल हो गए थे।

यह ट्रेन दिल्ली से पाकिस्तान (लाहौर) तक चलती थी। मरने वालों में ज्यादा यात्री मुस्लिम थे। पहले रेलवे पुलिस और हरियाणा पुलिस ने मामले की जांच की, लेकिन 26 जुलाई 2010 को जांच की जिम्मेदारी नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) को मिल गई।

आरोप लश्कर ए तैयबा, सिमी सहित कई संगठनों पर लगते रहे, लेकिन बाद मे हिंदू संगठनों का नाम आने लगा। 20 जून 2011 को एनआईए ने चार्जशीट दाखिल की थी।

इसमें आरोपियों में स्वामी असीमानंद, मृतक सुनील जोशी, लोकेश शर्मा, संदीप ढांगी और रामजी कलसांगरे शामिल थे। इसके बाद 9 अगस्त 2012 को सप्लीमेंटरी चार्जशीट दायर की गई थी, जिसमें कमल चौहान उर्फ भाई साहब, राजेंद्र चौधरी को आरोपी बनाया गया था।

इस मामले में सबसे पहले फरवरी 2011 में स्वामी असीमानंद की गिरफ्तारी हुई थी। उसके बाद लोकेश शर्मा, फिर कमल चौहान और उसके बाद राजेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया गया था।

एनआईए ने उक्त के अलावा राम कलसांगरे, संदीप ढांगी व आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी को भी आरोपी बनाया गया था। जोशी की मौत हो चुकी है, जबकि संदीप ढांगी व राम जी कलसांगरे भगोड़ा घोषित हो चुके हैं।

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