तेजाब हमलों का शिकार हुई युवतियों को मिलेगी मासिक पेन्शन, मंत्रिमंडल ने दी योजना को मंजूरी

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Yuva Haryana, Chandigarh

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिमण्डल की बैठक में ‘तेजाब पीडि़त महिलाओं एवं लड़कियों को वित्तीय सहायता योजना’ को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत तेजाब पीडि़त महिला या लड़की को मासिक पेंशन की जाएगी ताकि उन्हें आजीवन आय का निरंतर स्रोत मिल सके। यह योजना एक हद तक तेजाब पीडि़त महिला या लड़की के लिए गरिमा के साथ जीने का अधिकार बहाल करेगी।

योजना के तहत, 2 मई, 2011 को या उसके बाद तेजाब हमले का सामना करने वाली कोई भी महिला या लड़की इस योजना के लाभ के लिए पात्र होगी।

तेजाबी हमले के कई मामलों में, महिलाओं और लड़कियों ने हमले के कारण सुनने की क्षमता खो दी है। जब तेजाब श्वास नली या भोजन की नली में प्रवेश करता है, तो इससे घातक बीमारियां हो सकती हैं। तेजाबी हमलों के बाद कई मौतों की सूचना भी मिली है। उपचार में भारी मात्रा में धन खर्च होता है और हर पीडि़ता के लिए इस तरह के महंगे उपचार को वहन करना संभव नहीं है, इसलिए, तेजाबी हमले के कारण उत्पन्न होने वाली अक्षमता के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।

तेजाबी हमले को किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किए गए हमले के रूप में परिभाषित किया जाता है और इसमें जाने-अजाने तेजाब के कारण स्वयं लगी चोटों को शामिल नहीं किया जाता है। शरीर के किसी भी हिस्से की विकृति के मामले में भी महिलाओं और लड़कियों के लिए वित्तीय सहायता स्वीकार्य होगी।

निशक्तता के प्रतिशत के आधार पर वित्तीय सहायता दी जाएगी। 40-50 प्रतिशत निशक्तता पर दिव्यांग पेंशन का 2.5 गुना, 51 से 60 प्रतिशत पर दिव्यांग पेंशन का 3.5 गुना और 61प्रतिशत से अधिक पर दिव्यांग पेंशन का 4.5 गुना दिया जाएगा।

पीड़िता खुद या उसके माता-पिता या उसके कानूनी अभिभावक राहत के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी को आवेदन कर सकते हैं। नाबालिग पीडि़ता के मामले में, उसके माता-पिता या अभिभावक उसकी ओर से आवेदन कर सकते हैं। पीडि़त महिला के विवाहित होने की स्थिति में, उसका पति या माता-पिता या अभिभावक उसकी ओर से आवेदन कर सकते है।

आवेदन के साथ जिला स्तर, जहां पीडि़ता द्वारा या उसकी ओर से आवेदन किया गया है, पर मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट, एफआईआर / शिकायत की प्रति, महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त किए गए लाभ या आवेदन की प्रति जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

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