पेट्रोल-डीजल हो सकता है काफी सस्ता, जीएसटी के साथ वैट लगाने की तैयारी

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 21 June, 2018

देशभर में तेल की बढ़ती कीमतों से आम जनता बुरी तरह से परेशान है वहीं जनता अब मोदी सरकार को भी बुरी तरह से कोस रही है। ऐसे में अब चुनावी माहौल के बीच केंद्र की बीजेपी सरकार आम जनता को बड़ी राहत दे सकती है।

जीएसटी के जुड़े एक बड़े अधिकारी का बयान सामने आया है जिसमें कहा गया है कि सरकार जल्द ही 28 फीसदी जीएसटी के दायरे में पैट्रोलियम पदार्थों का ला सकती है, इसके साथ साथ वैट भी लगाया जा सकता है।

पैट्रोल डीजल पर अगर जीएसटी 28 फीसदी भी लगता है तो भी प्रति लीटर 25 रुपये तक तेल के दाम सस्ते हो सकते हैं। आपको दिखाते हैं कि किस प्रकार से तेल के दामों में जीएसटी के बाद फर्क आएगा।

मौजूदा सिस्टम                                        28% जीएसटी के बाद 

डीलर की सप्लाई- 36.96 रुपये                         डीलर की सप्लाई- 36.96 रुपये

एक्साइज ड्यूटी- 19.48 रुपये                           जीएसटी 28%- 10.35 रुपये

डीलर का कमीशन- 3.62 रुपये                        डीलर का कमीशन-3.62 रुपये

राज्य का वैट 27% –  16.21 रुपये

टोटल कीमत—– 76.27 रुपये                   टोटल कीमत- 50.93 रुपये

 

ऐसे ही डीजल के दामों में भी प्रति लीटर की दर से 14 रुपये तक सस्ता हो जाएगा।

मौजूदा दरें                                                          जीएसटी के बाद दरें

डीलर की सप्लाई- 36.96 रुपये                                    डीलर  की सप्लाई- 36.96 रुपये

एक्साइज ड्यूटी – 15.33 रुपये                                       जीएसटी 28% – 11.19 रुपये

डीलर का कमीशन- 2.52 रुपये                                     डीलर का कमीशन- 2.52 रुपये

वैट 17.24% – 9.97 रुपये

कुल कीमत-   67.78 रुपये                                           कुल कीमत- 53.67 रुपये

 

जानकारों का मानना है कि अगर चुनावी साल में भी सरकार इस प्रकार का फैसला लेती है तो आम जनता के लिए काफी राहत भरा होगा, क्योंकि बीजेपी सरकार को आम जनता ने बढ़ती महंगाई से निजात पाने के लिए चुना था, लेकिन इस सरकार में रिकॉर्ड तेल के दाम बढ़े हैं, जिस वजह से जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अगर पैट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। लेकिन इसका एक समाधान यह हो सकता है कि जीएसटी के दायरे में लाकर हर राज्य को वैट लगाने की इजाजत दी जाए। जिससे तेल के दामों में कुछ कमी भी होगी और आम लोगों को थोड़ी राहत भी मिलेगी।

 

 

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