PGI रोहतक में एड्स पीडित अपनी बच्चियों के साथ इलाज के लिए तड़पती रही, डाक्टरों ने सुध नहीं ली

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Deepak Khokar, Yuva Haryana

Rohtak

डॉक्टरों द्वारा एक शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एचआईवी पीडि़त महिला अपनी दो बेटियों के साथ पीजीआई रोहतक के बाहर इलाज का इंतजार करती रही, लेकिन डाक्टरों ने सुध नहीं ली। जिसमें इस महिला की 2 साल की एक बेटी भी एचआईवी पॉजीटिव है। वहीं 14 जुलाई को महिला के पति की भी एड्स के चलते मौत हो चुकी है। पीजीआई के स्टाफ ने ही चंदा एकत्र कर मृतक का अंतिम संस्कार कराया था। इस बीच चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने इस मामले में संज्ञान लिया। फिर महिला को इमरजेंसी में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

 

बता दें कि एक दंपत्ति पिछले काफी समय से सोनीपत में किराए के मकान में रह रहा था। उनकी दो बेटियां हैं, जो 5 साल व 2 साल की हैं। पति सोनीपत में टैंट की दुकान में करता था और काफी समय से एचआईवी पीडि़त था। जिसके चलते उसकी तबीयत खराब रहने लगी। पति अपनी पत्नी और दोनों बेटियों के साथ 10 जुलाई को पीजीआई रोहतक की इमरजेंसी पहुंचा।

 

लेकिन यहां पर डाक्टर्स ने उनकी एक नहीं सुनी और इलाज नहीं किया। इसके बाद दंपत्ति अपनी दोनों बेटियों के साथ इमरजेंसी के बाहर ही इलाज के लिए इंतजार करता रहा। एड्स पीडि़त व्यक्ति ने इलाज के अभाव में 14 जुलाई को पीजीआई की इमरजेंसी के बाहर दम तोड़ दिया। पत्नी के पास पति के अंतिम संस्कार तक के पैसे नहीं थे। ऐसे में पीजीआई के कर्मचारियों ने चंदा एकत्र कर अंतिम संस्कार के लिए शव को परिजनों समेत सोनीपत भिजवाया। पति के अंतिम संस्कार के बाद पत्नी दोनों बेटियों के साथ वापस पीजीआई इलाज के लिए पहुंची।

 

जहां वे 4 दिन तक पीजीआई के बाहर एचआईवी पॉजीटिव पत्नी भी इलाज के लिए इंतजार करती रही, लेकिन कोई भी डाक्टर भर्ती करने के लिए राजी नहीं हुआ। वह इमरजेंसी के बाहर ही करहाती रही। इसके बाद नेटवर्क फॉर पॉजीटिव पीपुल को मामले की जानकारी मिली। एनजीओ की ओर से महिला व दोनों बेटियों की एआरटी सेंटर में जांच कराई, जहां पर महिला व 2 साल की बेटी के भी एचआईवी पॉजीटिव होने की पुष्टि हुई।

 

इस बीच यह मामला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की जानकारी में आया। कमेटी के रोहतक चेयरमैन राज सिंह सांगवान ने इस मामले में संज्ञान लिया और पीजीआई पुलिस स्टेशन के जरिए महिला को तुरंत भर्ती कराने के निर्देश दिए। इस बीच एनजीओ के सदस्य भी पीजीआई पहुंचे और महिला को पीजीआई में भर्ती कराया। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ही महिला और उसकी बेटियों के इलाज व पढ़ाई का खर्च उठाएगी।

 

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