Home Breaking करनाल में 100 एकड़ में बनेगा फार्मा पार्क, 33 हजार लोगों को रोजगार का अनुमान

करनाल में 100 एकड़ में बनेगा फार्मा पार्क, 33 हजार लोगों को रोजगार का अनुमान

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 16 Oct, 2018

हरियाणा के करनाल में करीब 100 एकड़ में ‘फार्मा पार्क’ का निर्माण किया जाएगा।  फार्मास्यूटिकल कंपनियों की सुविधा के लिए प्रदेश में ‘हरियाणा फार्मास्यूटिकल पोलिसी 2018’ बनाई जा रही है। आज चंडीगढ़ में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री विपुल गोयल ने  ‘हरियाणा फार्मास्यूटिकल पोलिसी 2018’ के निर्माण के लिए सुझाव लेने हेतु दवा निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह व निदेशक अशोक सांगवान भी मौजूद थे।

हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित इस बैठक में हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में स्थित दवा कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी प्रतिनिधियों ने हरियाणा सरकार द्वारा दवा कंपनियों के हितों के लिए बनाई जा रही पोलिसी की प्रशंसा की और सरकार के प्रयास को सराहते हुए कहा कि हरियाणा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि दवा निर्माता कंपनियों से सलाह करके ‘फार्मास्यूटिकल पोलिसी’ का निर्माण किया जा रहा है।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री विपुल गोयल ने सभी प्रतिनिधियों को हरियाणा में फार्मास्यूटिकल के क्षेत्र में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा हरियाणा के करनाल में करीब 100 एकड़ में ‘फार्मा पार्क’ का निर्माण किया जाएगा जिसमें फार्मास्यूटिकल के क्षेत्र में कंपनियां लगाने वाले लोगों को विशेष रियायतें व सुविधाएं दी जाएंगी। इस ‘फार्मा पार्क’ में करीब 3,000 करोड़ रूपए का निवेश होने की संभावना है जिससे करीब 33,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का ‘हरियाणा फार्मास्यूटिकल पोलिसी 2018’ बनाने का मुख्य उद्देश्य सरकार से संबंधित दवा कंपनियों के कार्य को सरल बनाने व राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार देना है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने पिछले चार सालों में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में कई अहम सुधारात्मक कदम उठाए हैं। प्रदेश में औद्योगिक विकास, इंडस्ट्रियल ईको-सिस्टम को विकसित करने तथा निवेशकों को सुविधा देने के मामले में हरियाणा अग्रणी है। हरियाणा सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों को अनुकूल वातावरण प्रदान करने हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस संबंध में, राज्य ने हरियाणा को आदर्श निवेश गंतव्य बनाने के लिए कई सक्रिय कदम उठाए हैं। सरकार ने सत्ता में आते ही प्रारम्भ में राज्य को विकास के अग्रिम स्तर पर ले जाने के लिए पथप्रदर्शक ‘उद्यम प्रोत्साहन नीति-2015’ का शुभारंभ किया। इस नीति को भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्किलिंग इंडिया’ अभियानों के साथ जोड़ा गया है।

राज्य सरकार द्वारा अपने वर्तमान कार्यकाल के दौरान हरियाणा के फोकस सेक्टरों को और अधिक गति देने के लिए कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टैक्सटाइल, वेयरहाऊसिंग, लाजिस्टिक आदि से संबंधित नीतियां पहले ही शुरू की जा चुकी हैं। विभिन्न विभागों से स्वीकृतियां लेने की प्रक्रिया को सरल करने के लिए राज्य सरकार ने औद्योगिक संबंधित सेवाओं को एचईपीसी-सिंगल रूफ मैकेनिज्म के साथ जोड़ कर यह सुनिश्चित किया है कि स्वीकृतियां 45 दिनों में प्रदान कर दी गई हैं, इससे पहले स्वीकृतियां प्रदान करने की कोई समय सीमा नहीं थी।

गोयल ने बताया कि वर्ष 2015 में, जब भारत सरकार ने राज्य के लिए व्यापार करने की सहुलियत के लिए रैंकिंग शुरू की तब हरियाणा 14वें स्थान पर था। प्रदेश में व्यापारिक पारिस्थितिक तंत्र में महत्वपूर्ण सुधार लाने के लिए हमने प्रदेश में प्रमुख नियामक सुधार किए, जिससे हमारा राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की रैंकिंग में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और सरकार का लक्ष्य शीघ्र ही पहले पायदान तक पहुंचने का है।

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