हरियाणावासियों को पीएम मोदी की तीन सौगात, सीएम ने दो योजनाओं की रखी आधारशिला

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें सरकार-प्रशासन हरियाणा हरियाणा विशेष
Manu Mehta, Yuva Haryana
Gurugram, 19 Nov, 2018
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हरियाणवासियों को तीन बड़ी सौगातें दी है। प्रधानमंत्री ने गुरुग्राम के सुल्तान पुर में एक सभा के दौरान तीनों परियोजनाओं को जनता के नाम किया।
प्रधानमंत्री ने आज गुरुग्राम के सुल्तानपुर से हरियाणावासियों को कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी), जिसे वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे भी कहा जाता है, समर्पित किया। इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 136.65 किलोमीटर है और इसे बनाने के  लिए अधिगृहीत की गई भूमि की कुल लागत लगभग 2788 करोड़ रुपये आई है। केएमपी के निर्माण पर 3646 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस प्रकार भूमि अधिग्रहण और निर्माण लागत को मिलाकर केएमपी पर कुल 6434 करोड़ रुपये का खर्च आया है।

उल्लेखनीय है कि केएमपी को पूर्ण करने का लक्ष्य 20 फरवरी, 2019 रखा गया था लेकिन इसे इसके निर्धारित समय से पहले तैयार कर लिया गया है। केएमपी एक्सप्रेस-वे पर सफर को सुगम बनाने और अन्य सुविधाओं का ध्यान रखते हुए विभिन्न प्रावधान किये गए हंै। यहां वेटिवर ग्रासिंग की गई है जो प्रदूषण को कम करने में ज्यादा सहायक होती हैं और यह कार्बन कणों को जल्दी सोखती है। केएमपी पर वाहनों से होने वाले शोर को कम करने का भी प्रयास किया गया है। इस एक्सप्रेस-वे पर हरियाणा की संस्कृति से संबंधित विभिन्न समकालीन मूर्तियां लगाई गई हैं जिनमें भगवद गीता, योग इत्यादि से जुड़े विषय शामिल हैं।
केएमपी पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए ट्रामा सेंटर, पुलिस गश्त वाहन एवं एम्बुलेंस का भी प्रावधान किया गया है और हर 14 किलोमीटर पर एम्बुलेंस और रिकवरी वैन उपलब्ध होगी तथा इस एक्सप्रेस-वे को ग्रीन कॉरीडोर के रूप में विकसित किया गया है। इस एक्सप्रेस-वे को 200 इंजीनियर और 2500 श्रमिकों की कड़ी मेहनत से तैयार किया गया है।
 केएमपी के तैयार होने से दिल्ली के लोगों को प्रदूषण और भारी वाहनों के आवागमन से राहत मिलेगी और दिल्ली में यातायात जाम की समस्या कम होगी। केएमपी के बनने से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर व अन्य राज्यों से आने वाले अन्य वाहनों को दूसरे राज्यों में जाने के लिए दिल्ली में नहीं जाना पड़ेगा और वे केएमपी का प्रयोग करके अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच सकेंगे।

दूसरी बड़ी परियोजना का प्रधानमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर जिला पलवल के गांव दुधौला में बनने वाले श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। इस शिलान्यास कार्यक्रम का सीधा प्रसारण गांव दुधौला में विश्वविद्यालय स्थल पर दिखाया गया। इस विश्वविद्यालय की पूरी परियोजना पर लगभग 1000 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।
यह विश्वविद्यालय युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करेगा जो गरीबी उन्मूलन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। गांव दुधौला में यह कैंपस 82.7 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इस विश्वविद्यालय परिसर भवन के निर्माण के लिए इस वर्ष 389.24 करोड़ रुपये के टैंडर भी जारी किए जा चुके हैं। इस विश्वविद्यालय का निर्माण तीन चरणों में करवाया जाएगा। पहला चरण वर्ष-2020 तक पूरा किए जाने की योजना है।
इस विश्वविद्यालय में लगभग 1000 युवाओं को जीएसटी का प्रशिक्षण देने की भी योजना है। अब तक विश्वविद्यालय में 139 युवाओं को पॉयलेट प्रौजेक्ट के तहत हिसार, गुरुग्राम, रोहतक, करनाल तथा सिरसा में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय द्वारा 68 छात्रों को उद्यमिता की ट्रैनिंग दी गई है जबकि 30 छात्रों को जर्मन भाषा की ट्रैनिंग दी गई है। विश्वविद्यालय द्वारा 21 उद्योगों के साथ विभिन्न कोर्सिंज के प्रशिक्षण के लिए एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। गुरुग्राम जिले में युवाओं को साइबर सिक्योरिटी के साथ नेटवर्क सिक्योरिटी तथा एप्लीकेशन सिक्योरिटी की ट्रैनिंग दी गई है। समय की मांग के अनुरूप कम्यूनिकेशन एंड लाइफ स्किल में वर्ष-2018 में अब तक गुरुग्राम, फरीदाबाद, धारूहेड़ा,बल्लभगढ़ व पलवल जिलों के 1072  युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

सक्षम सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के तहत अब तक 32 युवाओं को कम्यूनिकेशन स्किल एंड पर्सनेल्टी डैवलपमेंट में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को 10 हजार रुपये तक का स्टाइफंड भी दिया जा रहा है। इस विश्वविद्यालय के प्रस्तावित परिसर में एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के अलावा, ऑडिटोरियम एंड कन्वेंशन सैंटर, कैफेटेरिया, सैंटर्स ऑफ एक्सीलेंस, टीचिंग एंड नॉन टीचिंग रैजिडेंशियल एरिया, लडकों व लड़कियों के अलग-2 हॉस्टल, शॉपिंग सैंटर, हैल्थ सैंटर, कम्युनिटी सैंटर, स्टेडियम, जिम्नेजियम, स्वीमिंग पूल, स्पोट्र्स एंड रीक्रिएशनल फैसिलिटी, फीडर स्कूल एंड कॉमन फैसिलिटी आदि बनाए जाने की योजना है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुरुग्राम के सुल्तानपुर से रिमोट कंट्रोल के माध्यम से एस्कॉर्ट मुजेसर-राजा नाहर सिंह (बल्लभगढ़) मैट्रो भाग, जो कश्मीरी गेट-एस्कॉर्ट मुजेसर से जुड़ा हुआ है, का उद्घाटन किया। एसकॉर्ट मुजेसर-राजा नाहर सिंह मैट्रो भाग 3.2 किलोमीटर लम्बा है, जो मैट्रो की वायलट लाइन से जुड़ा हुआ है। इस भाग पर संत सूरदास (सिही) और राजा नाहर सिंह के नाम से 2 स्टेशन होंगे।

गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ के बाद मैट्रो से जुडऩे वाला बल्लभगढ़ हरियाणा का चौथा शहर है। इस विस्तार के बाद कश्मीरी गेट-राजा नाहर सिंह मैट्रो कॉरीडोर 46.6 किलोमीटर लम्बा होगा। वर्तमान में, हरियाणा में 25.8 किलोमीटर मेट्रो लाइनें संचालित हैं और इस भाग के शुरू होने के बाद यह लम्बाई 29 किलोमीटर हो जाएगी। इस सैक्शन पर भारत में निर्मित मैट्रो चलेंगी।
इस लाइन को बनाने का कार्य फरवरी 2015 में शुरू किया गया था। एस्कॉर्ट मुजेसर-राजा नाहर सिंह (बल्लभगढ़) मैट्रो भाग कनेक्टिविटी के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बल्लभगढ़ शहर के साथ-साथ फरीदाबाद, दक्षिणी पूर्वी दिल्ली और केन्द्रीय दिल्ली के क्षेत्रों से जुड़ा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगअपने कार्यों से बल्लभगढ़ और दिल्ली के बीच सफर करते हैं और यह कॉरीडोर ऐसे लोगों के लिए काफी सहायक होगा।
बल्लभगढ़ हरियाणा का एक बढ़ता हुआ शहर है, जिसकी जनसंख्या लगभग 2.14 लाख है। राजा नाहर सिंह मैट्रो स्टेशन बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन और अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल, बल्लभगढ़ के साथ जुड़ेगा। यह मैट्रो स्टेशन 5 मंजिला होगा, जिसमें 2 कमर्शियल फ्लोर होंगे। इस स्टेशन पर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 के साथ लगते स्थान पर पार्किंग की सुविधा होगी तथा इसे फुट ओवर ब्रिज के साथ जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार, संत सूरदास (सिही) स्टेशन एनसीबी के पास स्थापित किया गया है। इन दोनों ही स्टेशनों पर पहुंच के लिए लिफ्टों और एस्केलेटर की सुविधाएं भी होंगी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज जिला गुरुग्राम के गांव सुल्तानपुर में डिग्री कॉलेज तथा फर्रूखनगर में बनने वाले 50 बैड के अस्पताल की आधारशिला रखी।  शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह तथा वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु भी इस मौके पर उपस्थित थे। जिला गुरुग्राम के फर्रूखनगर ब्लॉक में लंबे समय से डिग्री कॉलेज की कमी महसूस की जा रही थी और स्थानीय निवासियों द्वारा इसकी लगातार मांग की जा रही थी। लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह के प्रयासों के चलते आज आखिरकार इस मांग को अमलीजामा पहनाया गया। इस डिग्री कॉलेज के बनने से युवाओं को पढऩे के लिए अपने गांव से दूर नहीं जाना पड़ेगा।
इसी प्रकार, फर्रूखनगर में 50 बैड के अस्पताल के बनने से यहां के लोगों को पहले से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें इलाज के लिए गुरुग्राम नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने घर-द्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *