हरियाणा में पहले भी मुझे हमेशा सम्मान मिला, हमेशा छोटूराम के बारे में लोग बताते थे – पीएम मोदी

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें राजनीति सरकार-प्रशासन हरियाणा हरियाणा विशेष

Yuva Haryana
Rohtak, 09 Oct, 2018

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रोहतक के सांपला में सर दीनबंधु छोटूराम की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल और जम्मू कश्मीर की राज्यपाल मौजूद रहे। इस  कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी पहुंचे थे।

ये मेरा सौभाग्य है कि उसी सांपला में मुझे ‘किसानों की आवाज, किसानों के मसीहा, रहबर-ए-आजम, दीनबंधु चौधरी छोटूराम जी’ की इतनी भव्य और विशाल प्रतिमा का अनावरण करने का अवसर मिला।

कृषि से जुड़ी समस्याओं, किसानों, छोटे उद्यमियों के सामने आने वाली विपत्तियों, चुनौतियों को उन्होंने बहुत करीब से देखा समझा और उन चुनौतियों को कम करने का प्रयास किया।

चौधरी छोटूराम जी देश के उन समाज सुधारकों में थे, जिन्होंने भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वो किसानों, मज़दूरों, वंचितों, शोषितों की बुलंद और मुखर आवाज़ थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा से मैं हमेशा जुड़ा रहा हूं, जब मैं हरियाणा में रहता था तब लोग मुझे सर छोटूराम के बारे में बताते थे। उनके अदम्य साहस की कहानियां उस वक्त भी मुझे किसान बताते थे। उन्होने कहा कि सर छोटूराम और सरदार वल्लभभाई पटेल की आपसी जोड़ी से अंग्रेज कांपते थे।

चौधरी छोटूराम जी देश के उन समाज सुधारकों में थे, जिन्होंने भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वो किसानों, मज़दूरों, वंचितों, शोषितों की बुलंद और मुखर आवाज़ थे।

हमारे देश में समय-समय पर ऐसी महान विभूतियां जन्म लेती रही हैं, जो अपना पूरा जीवनकाल सिर्फ और सिर्फ समाज की सेवा और देश को दिशा दिखाने में समर्पित कर देती हैं।

प्रधानमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आज मुझे हरियाणा की सबसे ऊंची सर दीनबंधु छोटूराम की प्रतिमा का अनावरण करने का सौभाग्य मिला है। उन्होने बताया कि अब दुनियां की सबसे बड़ी प्रतिमा सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का 31 अक्टूबर को अनावरण करने का भी सौभाग्य प्राप्त होगा।

पीएम मोदी ने कहा कि कृषि से जुड़ी समस्याओं, किसानों, छोटे उद्यमियों के सामने आने वाली विपत्तियों, चुनौतियों को उन्होंने बहुत करीब से देखा समझा और उन चुनौतियों को कम करने का प्रयास किया। हमारे देश में समय-समय पर ऐसी महान विभूतियां जन्म लेती रही हैं, जो अपना पूरा जीवनकाल सिर्फ और सिर्फ समाज की सेवा और देश को दिशा दिखाने में समर्पित कर देती हैं।

ये रेल कोच फैक्ट्री सिर्फ सोनीपत ही नहीं, बल्कि हरियाणा के विकास को बढ़ाने में मदद करेगा। कोच की मरम्मत के लिए जो भी सामान की आवश्यकता होगी, उसकी पूर्ति से यहां के छोटे उद्यमियों को बड़ा लाभ होगा। इस कारखाने से यहां के युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होने जा रहे हैं।

इस रेल कोच फैक्ट्री में हर साल पैसेंजर ट्रेन के ढाई सौ डिब्बों की मरम्मत और उन्हें आधुनिक बनाने का काम किया जाएगा। इस कोच फैक्ट्री के बनने के बाद यात्री डिब्बों के रखरखाव के लिए डिब्बों को अब दूर की फैक्ट्रियों में भेजने की मजबूरी समाप्त हो जाएगी

भाखड़ा बांध की असली सोच चौधरी साहब की ही थी। इस बाँध का पंजाब-हरियाणा-राजस्थान के लोगों को, किसानों को, जो लाभ आज भी मिल रहा है, वो हम सभी देख रहे हैं। सोचिए, कितना बड़ा विजन था उनका, कितनी दूरदृष्टि थी।

आज हरियाणा देश के विकास को गति दे रहा है। यही संदेश चौधरी छोटूराम जी का हम सभी के लिए है। सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के लिए समर्पित राष्ट्रपुरुष को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम मिलकर उनके सपनों का भारत बनाएंगे, नया भारत बनाएंगे

मैं हरियाणा वासियों को बधाई देता हूं कि आयुष्मान भारत की पहली लाभार्थी आपके राज्य की ही एक बेटी है। ये भी संतोष की बात है कि इस योजना के माध्यम से दो हफ्ते में ही 50 हज़ार से अधिक गरीब भाई-बहनों को या तो इलाज मिल चुका है या फिर उनका इलाज हो रहा है:

किसानों को उसकी उपज का उचित मूल्य मिले, मौसम की मार से किसान को सुरक्षा कवच मिले, आधुनिक बीज मिले, पर्याप्त मात्रा में यूरिया मिले, सिंचाई की उचित व्यवस्था हो, मिट्टी का स्वास्थ्य बना रहे, इस पर निरंतर काम किया जा रहा है:सरकार द्वारा सहकारी बैंकों से ऋण लेना और आसान किया गया है। हाल में ही इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक भी शुरु हुआ है। इससे आपको अपने गांव में ही डाकिए के माध्यम से घर पर ही बैंकिंग सेवा मिलनी सुनिश्चित हुई है।

भाखड़ा बांध की असली सोच चौधरी साहब की ही थी। इस बाँध का पंजाब-हरियाणा-राजस्थान के लोगों को, किसानों को, जो लाभ आज भी मिल रहा है, वो हम सभी देख रहे हैं। सोचिए, कितना बड़ा विजन था उनका, कितनी दूरदृष्टि थी उनकी।

छोटू राम जी की इसी दूर-दृष्टि को देखते हुए चक्रवर्ती राजगोपालाचारी जी ने कहा था कि “चौधरी छोटू राम जी न सिर्फ ऊँचे लक्ष्य तय करना जानते हैं बल्कि उन लक्ष्यों को हासिल कैसे किया जाए इसका मार्ग भी उन्हें अच्छी तरह पता था”