भाई-बहन को मार्किट साथ आना पड़ा महंगा, मनचले समझ पुलिस बैठाने लगी गाड़ी में, फिर बोली युवती..

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Jhajjar, 27 Dec, 2018

जहां महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस को उपस्थित होना चाहिए, वहां तो दूर-दूर तक पुलिस नजर नहीं आती है। जिस कारण बड़ी घटनाएं हो जाती हैं। लेकिन हाल ही में झज्जर से एक ऐसा मामला सामने आया, जहां एक युवती अपने भाई के साथ मार्किट में शॉपिंग करने के लिए आई थी, जिसे दुर्गा शक्ति की टीम ने मनचले समझ लिया और उन्हें पकड़ लिया। वहीं पूरी वारदात सीसीटीवी में भी कैद हो गई।

इतना ही नहीं दोनों को जबरदस्ती गाड़ी में बैठाने लगे, जब्कि युवती बार-बार कहती रही कि वह उसका भाई है। मगर किसी ने उसकी एक न सुनी बल्कि महिला पुलिसकर्मी तनाव में आ गई और युवती को ही खरी-खोटी सुनाने लगी। जिसके बाद युवती ने भी हार ना मानी और तुरंत ही अपने परिजनों को फोन कर दिया, मामला बढ़ता देख दुर्गा शक्ति की टीम फिर मौके से रफूचक्कर हो गई।

बता दें कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा दुर्गा शक्ति टीम का गठन किया गया है और इसी के चलते टीम मनचलों पर नकेल कस रही है। लेकिन आज भाई-बहन को ही पुलिस ने गलत समझ लिया।

क्या कहना है युवती का-

पुलिस के साथ हुई इस झड़प को लेकर युवती ने कहा कि अब भाई-बहन भी बाजार में इकट्ठे नहीं आ सकते क्या ? पुलसि इतनी सजग है तो आरोपियों को क्यों नहीं पकड़ती, जिन्हें पकड़ने के लिए अक्सर शिकायत की जाती है? पकड़ने से पहले हमसे पूछताछ क्यों नहीं की गई ? अगर शख हुआ, तो हमारे माता-पिता को फोन करके पता क्यों नहीं किया गया ? पीसीआर में बैठाने और दुर्व्यवहार करने का क्या मतलब है ? सभी बाजार वाले क्या सोचते होंगे?

एएसआई रीना ने कहा कि युवक-युवती से पूछताछ की और उन्हें छोड़ दिया गया। ना तो मारा और ना ही दुर्व्यवहार किया गया। मौके पर आखिर में मैं मौजूद तो नहीं थी, लेकिन दूसरी लड़कियों का फोन आया था कि पूछताछ करके छोड़ दिया है। आगे से ध्यान रखेंगे और आराम से ही पूछताछ करेंगे। वहीं महिला थाना प्रभारी सुदेश कुमारी का कहना है कि क्या हुआ, कैसे हुआ पता नहीं। दुर्व्यवहार किया या नहीं कुछ पता नहीं है, पता करके ही बता पाएंगी।

वहीं इस तरह की वारदात पुलिस की बड़ी लापरवाही दर्शाती है। बिना पूछताछ के ही पुलिस निर्दोश लोगों के साथ दुर्व्यवहार करती है, जो सरासर गलत है। पुलिस अपनी तानाशाही में लोगों की सुनने के बजाये बल्कि अकड़ जाती है। इस पर पुलिस प्रशासन को सख्त कदम जरूर उठाने चाहिए।

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