बड़े बड़े अधिकारियों के बंगलों में हो रही थी बिजली चोरी, खुद बिजली मंत्री ने देर रात पकड़े

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Yuva Haryana 
Panipat, 6th Jan, 2020

बिजली मंत्री का पानीपत थर्मल की कालोनी में छापा
-मंत्री ने बिजली उत्पादन निगम के आला अधिकारी बिजली चोरी करते हुए पकडे, रविवार के तडके तक चली छापे की कार्रवाई, चीफ इंजीनियर, आठ अधीक्षक अभियंता, डीएवी स्कूल की प्रधानाचार्य, इनके पति बिजली महकमे में निशाने पर, हो सकती है सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई, बिजली मंत्री ने कार्रवाई के बाद चुप्पी साधी, प्रेस सचिव बोले-पूरा मामला की जानकारी मुख्यमंत्री को दे दी गई

हरियाणा के उर्जा व जेल मंत्री चौ. रणजीत सिंह चौटाला ने शनिवार को पानीपत को रोहतक जाते समय अपना काफिला पानीपत थर्मल पावर स्टेशन की ओर मुडवा लिया। वहीं बिजली मंत्री ने थर्मल के गेट पर रात करीब दस बजे अपन काफिला रूकवा लिया और पैदल अपने अधिकारियों की टीम के साथ थर्मल कालोनी में पहुंचे और सबसे पहले गुपचुप तरीके से थर्मल की चीफ इंजीनियर, आठ अधीक्षक अभियंताओं, इलेक्ट्रीकल इंजीनियर, डीएवी स्कूल की प्रधानाचार्य के बंगालों में बिजली की आपूर्ति की जांच शुरू करवाई। वहीं मंत्री व इनके अधिकारियों की टीम की जांच की भनक थर्मल के अधिकारियों को नहीं लगी और सभी के बंगलों में सडकों पर लगी स्ट्रीट लाइटों से बिजली की आपूर्ति होती मिली। जबकि यह अवैध है। वहीं बिजली मंत्री के आदेश पर अधीक्षक अभियता व चीफ इंजीनियर को मौके पर बुलवाया गया तो उनके हाथ पांव फूल गए।

वहीं बिजली मंत्री के साथ आई टीम ने उनकी मौजूदगी में चोरी कर रहे बिजली के अधिकारियों पर रात करीब ढाई बजे तक कार्रवाई की, बिजली चोरी कर रहे सभी अधिकारियों व डीएवी स्कूल की प्रधानाचार्य की एलएलवन भरी गई और इन पर जुर्माना किया गया, वहीं छापे की कार्रवाई के अनुसार आरोपितों पर किया गया जुर्माना यदि अगले 24 घंटों में बिजली निगम में नहीं भरा गया तो आरोपितों पर संबंधी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज करवाया जाएगा।

गौरतलब है कि थर्मल में भ्र्ष्टाचार का बोल बाला है और आए दिन थर्मल के अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच विभिन्न मामलों को कर तकरार चलता रहता है। वहीं किसी ने बिजली मंत्री को थर्मल के अधिकारियों द्वारा स्ट्रीट लाइटों के माध्यम से अपने बंगलों में बिजली की चोरी करने की सूचना दी थी। वहीं सूचना मिलने के बाद बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने कार्रवाई का पूरा मन बना लिया लिया था और योजनावद्ध तरीके से रोहतक जा रहे मंत्री चौटाला ने अपना काफिला रोहतक जाने के बाद थर्मल में मुडलवा लिया था। मंत्री ने हर बंगले की विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम के साथ पहले जांच करवाई और बिजली चोरी साबित हो जाने के बाद सभी अधिकारियों को बाहर बुलवाया। वहीं मंत्री रणजीत सिंह इस मामले को लेकर इतने गंभीर थे कि वे रविवार के तडके तीन बजे थर्मल के गेस्ट हाउस में सोने के लिए गए। वहीं नर्म स्वभाव वाले चौटाला, बिजली अधिकारियों पर बहुत सख्त नजर आए।

सूत्रों के अनुसार बिजली मंत्री ने थर्मल के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को ये भी चेतावनी दी कि अगर किसी ने छापे की किसी को जानकारी दी नाम, जुर्माना आदि के साथ ली की तो उस पर और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, बिजली मंत्री की कार्रवाई बिजली निगम की किसी भी विंग को पता नहीं चला। मंत्री की जांच में यह सामने आया कि थर्मल के वरिष्ठ पद के अधिकारी जिनमें चीफ इंजीनियर, इलेक्ट्रीकल इंजीनियर, सुप्रीडेंट इंजीनियर अपने घरों से एक घरेलू बिजली की तारों छतों के जरिए स्ट्रीट लाइट पोल तक ले गए। यहां उन्होंने डायरेक्ट बिजली बनाने वाली सप्लाई जो स्ट्रीट लाइटों को ऑन करने के काम आती थी, यहां कट लगाकर डायरेक्ट चालू कर रखी थी। इधर, मंत्री की जांच में पता चला कि इलेक्ट्रीकल इंजीनियर की धर्मपत्नी डीएवी थर्मल स्कूल की प्रधानाचार्य है और इंजीनियर इनके साथ ही स्कूल परिसर में बने बंगले में निवास कर रहे थे और साथ ही बिजली की चोरी कर रहे है। दूसरी ओर, थर्मल में आला अधिकारियों पर बिजली चोरी के संबंध में उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधीक्षक अभियन्ता जेएस नारा ने बताया कि उर्जा मंत्री की पानीपत थर्मल में छापा की कार्रवाई के मामले की जानकारी उन्हें नहीं है। इधर, बिजली मंत्री रणजीत चौटाला छापे की कार्रवाई से बचते नजर आए उन्होंने मीडिया कर्मियों के फोन नहीं सुने।

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