महाराष्ट्र में लगा राष्ट्रपति शासन

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Yuva  Haryana

2 Nov, 2019

महाराष्‍ट्र में राष्‍ट्रपति शासन के लिए राज्‍यपाल की सिफारिश को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब इसे राष्‍ट्रपति से भी मंजूरी की मुहर लग चुकी है. यानी की अब महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है. राज्यपाल द्वारा पहले बीजेपी, फिर शिवसेना और आखिर में एनसीपी को सरकार बनाने का न्योता दिया गया था. तीनों ही पार्टियां सरकार बनाने का दावा नहीं पेश कर पाईं, जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है.

शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू करने को चुनौती दी है. शिवसेना ने कहा है कि उसने NCP और कांग्रेस से समर्थन पत्र हासिल करने के लिए तीन दिन का समय मांगा था, लेकिन राज्यपाल ने खारिज कर दिया. शिवसेना का कहना है कि राज्यपाल ने बीजेपी को यह बताने के लिए 48 घंटे का समय दिया कि क्या वह सरकार बना सकती है, लेकिन  समर्थन पत्र हासिल करने के लिए शिवसेना को सिर्फ 24 घंटे का समय दिया. शिवसेना ने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने सरकार बनाने के अवसर से इनकार करने के लिए बीजेपी के इशारे पर जल्दबाजी में काम किया.

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू करने के पीछे 5 आधार-
1. महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिरोध बरकरार है.
2. दावे के बावजूद शिवसेना समर्थन के पत्र नहीं दे सकी‬ तथा और अधिक समय मांगा.
3. नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने भी और समय मांगा‬.
4. विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लग रहे हैं.
5. कांग्रेस ऊहापोह की स्थिति में है.

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