प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने काले बिल्ले लगाकर किया मुख्यमंत्री की रैली का विरोध

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प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ढिग़ावा में आयोजित रैली के विरोध में प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन ने काले बिल्ले लगाकर अपना विरोध जताया। साथ ही एसोसिएशन सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली स्थल के लिए कूच किया। लेकिन पुलिस बल ने अनाज मंडी में अध्यापकों के काफिले रोक लिया। अध्यापकों ने नारेबाजी और काले बैज लगाकर मुख्यमंत्री की रैली का विरोध जताया। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने बताया कि बार-बार मांग करने पर भी न सरकार और न ही अधिकारी प्राइवेट स्कूलों की मांगों पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा की यदि सरकार पैसे रिलीज कर देती तो विरोध की जगह एसोसिएशन मुख्यमंत्री का सम्मान कर रही होती। यदि अब भी सरकार ने पैसा रिलीज नहीं किया तो एसोसिएशन आने वाले सत्र में 134ए के तहत बच्चों के दाखिले नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने भिवानी प्राइवेट स्कूलों से समर्थन मांगते हुए भिवानी में एक चुनावी सभा में ये वायदा किया था की सरकार प्राइवेट स्कूलों की समस्याओं के प्रति गंभीर है और उनके समाधान के लिए प्राथमिकता से काम करेगी। लेकिन साढ़े तीन साल बीत जाने के बाद भी उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि सरकार ने प्राईवेट स्कूलों पर नए-नए नियम लगाकर उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। 134ए को खत्म करने की जगह सरकार हर साल अपात्र बच्चों को दाखिला दिलवाये जा रही है।

एसोसिएशन सदस्यों ने बताया कि प्राइवेट स्कूल फिर भी सरकार का सहयोग कर रहे हैं और सारे नियमों और प्रवधानों को मानते हुए प्राइवेट स्कूल हर साल 134ए के तहत 10 प्रतिशत बच्चों को दाखिला दे रहे हैं और बिना किसी भेदभाव के उनको अपने स्कूलों में पढ़ा रहे हैं।
इस सत्र में ही करीब 1200 बच्चों को अकेले भिवानी ब्लॉक में दाखिला दिया गया। पिछले सत्र में करीब 900 बच्चों ने दाखिला लिया था। इसके बावजूद सरकार ने ज्यादातर स्कूलों को 2015-16 सत्र में दाखिल किए गए बच्चों की भी फीस अभी तक नहीं दी है। सरकार 134ए के तहत पढ़ रहे बच्चों की प्राइवेट स्कूलों को शहर में दूसरी से पांचवी के 300 रूपए और छटी से आठवीं तक के 400 रूपए देती है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में ये फीस दूसरी से पांचवी के 200 रूपए और छटी से आठवीं तक के 300 रूपए है।

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