प्रदेश के 1500 निजी स्कूलों पर लटकी तलवार, बोर्ड ने मान्यता देने से किया तलवार

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Sahab Ram, Yuva Haryana

Chandigarh, 27 July, 2018

प्रदेश के 1500 निजी स्कूलों पर मान्यता ना मिलने की वजह से बंद होने की तलवार लटक गई है। फेडरेशन आॅफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष एवं निसा के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग व हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी के अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल नहीं है। ये ही कारण है कि बोर्ड द्वारा आठवीं तक चलने वाले स्कूलों को माान्यता के आदेश स्कूल संचालकों के लिए परेशानियों का कारण बन गया।

उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत मान्यता लेने वाले स्कूल संचालक जब हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी में जाकर मान्यता करवाने के लिए आवेदन करते हैं तो उनकी फाइल जमा करने से इंकार कर दिया जाता है।

कुलभूषण शर्मा  ने कहा कि हरियाणा शिक्षा विभाग ने पिछले 8 सालों में जितने भी स्कूलों को आरटीई के तहत मान्यता दी है सभी को *प्रविजनल* मान्यता दी है और बोर्ड इसी ‘*प्रविजनल* शब्द को आधार बनाकर मान्यता करने से इंकार कर रहा है।

कुलभूषण शर्मा ने कहा कि पिछले 8 सालों में प्रदेशभर में करीब 1500 स्कूलों को आरटीई के तहत मान्यता दी गई है। अभी कुछ दिन पहले हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी की तरफ से आदेश दिए गए कि जो भी आठवीं तक मान्यता प्राप्त स्कूल है वह निर्धारित तारीख 30 जुलाई तक 8000 रुपए जमा करवाकर बोर्ड के साथ माान्यता करवाएं और यदि वह 30 जुलाई तक नहीं करवाते तो उन्हें 5 हजार रुपए लेट फीस के साथ माान्यता करवानी होगी।

कुलभूषण शर्मा ने सवाल किया कि जो स्कूल संचालक संबद्धता करवाने के लिए बोर्ड के चक्कर काट रहे हैं, उनके साथ बोर्ड मान्यता क्यों नहीं कर रहा।

उन्होंने कहा कि बोर्ड व शिक्षा विभाग के अधिकारियों में आपस में तालमेल नहीं है और यदि बोर्ड के अधिकारियों को ‘प्रविजनल’ मान्यता से किसी तरह की आपत्ति है तो वह शिक्षा विभाग से पत्राचार कर उसे कंफर्म करते हुए स्कूल को राहत दे सकते हैं।

कुलभूषण शर्मा ने कहा कि दोनों विभागों में आपसी तालमेल न होने के कारण कोई भी आरटीई के तहत मान्यता लेने वाला स्कूल बोर्ड के साथ मान्यता नहीं कर पाया है और ऐसे में मान्यता करने की तारीख को बढ़ाया जाए और बोर्ड अधिकारियों को ‘प्रविजनल’ मान्यता वाले स्कूलों के साथ मान्यता करने के आदेश दिए जाएं।

साथ ही कुलभूषण शर्मा ने कहा कि जल्द ही वह इस मामले को लेकर एसीएस व निदेशक शिक्षा विभाग के संज्ञान में लाएंगे और सारी स्थिति से अवगत करवाएंगे।

एक्सटेंशन फेडरेशन आॅफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि जब कोर्ट से गैरमान्यता प्राप्त स्कूलों को भी कानून के अनुसार मौका दिया है, तो सरकार को 3206 स्कूलों को भी राहत देते हुए एक्सटेंशन का लेटर जारी करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इन 3206 स्कूलों में लाखों छात्र पढ़ रहे हैं और जब तक सरकार लेटर नहीं देगी, तब तक बोर्ड के साथ संबद्धता नहीं हो सकती। ऐसे में लाखों बच्चों का भविष्य अंधकार में है।

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