डॉक्टर्स द्वारा लापरवाही के मामलों में प्राथमिक जांच से पहले FIR क्यों दर्ज ?- हाईकोर्ट

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Chandigarh, 4 Dec, 2018

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और एमसीआई को फटकार लगाई है। कोर्ट ने डॉक्टर्स की लापरवाही के आरोपों की स्थिति में पुलिस द्वारा प्राथमिक जांच न करने और सीधा एफआईआर दर्ज करने पर टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद हरियाणा और पंजाब में हालात खराब होते जा रहे हैं।

जिसको लेकर स्वयंसेवी संस्था मेडिकोज लीगल एक्शन ग्रुप ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इस याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में डॉक्टरों को बेवजह कानूनी कार्रवाई का हिस्सा बनाने से बचाने के लिए दिशा निर्देश दिए थे। अब इस पर कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस भेज जवाब मांगा है।

बता दें कि डॉक्टर्स द्वारा लापरवाही के मामलों में डॉक्टरों को बचाने के लिए पहले आरोपों की प्राथमिक जांच और फिर सिविल सर्जन की अगुवाई वाली जांच के बाद ही अपराधिक मामला दर्ज करने का प्रावधान किया गया था। जिसके बावजूद पंजाब-हरियाणा व चंडीगढ़ में दिशा-निर्देशों को अनदेखा कर डॉक्टर्स के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

इस पर नियमों को सख्ती से करने की अपील की गई थी। इस मामले पर पिछली सुनवाई में एमसीआई को पार्टी बनाया गया था। एमसीआई का जवाब ना आने पर हाईकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई।

हाईकोर्ट ने कहा कि इस पर केंद्र क्यों चुप बैठा है ? एमसीआई भी तो केंद्र के अधीन आता है। जिसके बाद कोर्ट ने दोनों से 29 जनवरी को आखिरी मौका देते हुए जवाब मांगा है।

 

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