गेहूं खरीद तो लेकर पलवल मंडी को किया बंद, प्रदेश से लगते तीन राज्यों की सीमा को भी करेंगे सील

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Yuva Haryana

Palwal (20 April 2018)

भारी मात्रा में यूपी, राजस्थान, दिल्ली से गेहूं प्रदेश की मंडियों में आ रहा है। जिसके कारण मंडियों में गेहूं का जो भाव है वह बिगड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने हरियाणा से लगती सभी सीमाओं को सील करने का फैसला लिया है।

पलवल अनाज मंडी, जो कि इन तीन राज्यों के सबसे निकट है, को आगे की खरीद के लिए बंद कर दिया गया है। इसके बंद होने का कारण  यह पता चला है कि पिछले वर्ष पूरे सीजन के दौरान खरीदे गए 2.98 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले इस साल अभी से ही 3.73 लाख मीट्रिक टन गेहूं पहले से ही खरीदी जा चुकी है।

जिसके लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले) राम निवास ने गुरुवार को डीजीपी बीएस संधू को पत्र लिखकर कहा है कि हरियाणा के अनाज मंडियों में गेहूं की नाज़ायज आवागमन को रोकने के लिए प्रदेश की सीमा प्रवेश को सील किया जाए।

वहीं कुछ दिन पहले भी करनाल की मंडियो में यूपी से लाए गए गेहूं को पकड़ा था। जिसके बाद से मार्किट कमेटी के लोगों के लाईसेंस को कैंसल भी किया गया था। वहीं पलवल के अलावा करनाल और सोनीपत में भी खाद्य विभाग की टीम ने यूपी की गेहूं को पकड़ा है। जिसके बाद तरावड़ी में भी 6 आढ़तियों के लाईसेंस को भी रद्द किया गया था

इस प्रकार से दूसके राज्यों की गेहूं खरीद की हरियाणा के मोल-भाव पर ख़ासा असर पड़ता है। प्रदेश में गेहूं का समर्थन मुल्य 1735 रूपयें प्रति किंवटल है, जबकि यूपी, दिल्ली, राजस्थान की गेहूं को यहां 1550 रूपये तक में खरीदा जाता है। जिसकी वजह से प्रदेश की किसानों की गेहूं का पूरा मुल्य नहीं मिल पाता है।

बता दें कि हरियाणा के लिए ये समस्या हमेशा से रही है। हर बार फसल के सीजन में आढ़तियों द्वारा बाहरी राज्यों की फसलों को सस्ते मुल्यों पर खरीद कर प्रदेश के किसानों को सही दाम नहीं मिल पाता है। लेकिन इस संदर्भ में सरकार ने अबकी बार हरियाणा से लगती सभी सीमाओं को सील कर दिया है।

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