10 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मानसून, पूरे हरियाणा में बारिश होने के आसार

Breaking खेत-खलिहान चर्चा में देश बड़ी ख़बरें हरियाणा

Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 07 July, 2018

हरियाणा के कई इलाकों में मानसून की बारिश से जहां लोगों को राहत मिली है, वहीं कई जगहों पर अब भी बारिश की फुव्वारे नहीं पहुंच पाई है। हरियाणा के कुछ इलाकों में किसानों की उम्मीदों के मुताबिक बारिश नहीं हुई है जिस वजह से किसान थोड़े परेशान दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि अब ऐसे किसानों की समस्या का समाधान होने वाला है, क्योंकि जिन इलाकों में थोड़ी या बिल्कुल ही कम बारिश हुई है, उन इलाकों में 10 जुलाई को फिर से मानसून की बारिश पहुंचने वाली है।

हिसार मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में 10 जुलाई से फिर से मानसून सक्रिय हो जाएगा और प्रदेश के सभी इलाकों में बारिश होगी। मौसम विभाग के मुताबिक 10 जुलाई की रात को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

 

मौसम विभाग की तरफ से किसानों के लिए भी संदेश जारी किया गया है कि किसान अच्छी पौध लेकर धान की रोपाई पूरी करे,नमी संचित करने के लिए नरमा/कपास में निराई गुड़ाई करे तथा गवार,बाजरा व मूंग-उड़द की बिजाई करते समय मौसम का ध्यान अवश्य रखे।

 

बता दें कि राजस्थान के निकटवर्ती इलाकों में इस बार ज्यादा बारिश नहीं हुई है वहीं कई इलाकों में अभी भी बारिश की कमी किसानों को खल रही है ऐसे में 10 जुलाई के बाद मानसून से किसानों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

 

 

वहीं हरियाणा के कई इलाकों में अभी बारिश ठीक हुई है जिस वजह से किसानों ने धान की फसल की रोपाई की काम शुरु कर दिया है। अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र समेत कई इलाकों में बारिश अच्छी हुई है। वहीं प्रदेश के कई इलाकों  में अभी तक बारिश की कमी है। जिसके लिए किसान परेशान दिखाई दे रहे हैं।

मौसम वैज्ञानिकों की माने तो इस बार अच्छी बारिश होने के संकेत हैं, मानसून समय से पहले ही पूरे भारत में पहुंच चुका है, वहीं भारी बारिश से कई राज्यों में तबाही भी मचा रहा है, लेकिन हरियाणा में हालात सामान्य है। हालांकि कुछ जिलो में प्रशासनिक टीमें पूरी तरहे से मुस्तैद हैं।

 

 

अंबाला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र में बारिश के चलते पानी ज्यादा पहुंचने का खतरा रहता है। घग्गर नदी और यमुना नदी में अक्सर बारिश के दिनों में पहाड़ों में ज्यादा बारिश की वजह से पानी बढ़ता है जिस वजह से किसानों की फसलें ज्यादा पानी में डूब जाती है।

 

 

हालांकि इस बार प्रशासनिक टीमें लगातार काम कर रही है, और बाढ पर नियंत्रण पाने के लिए सभी प्रकार की टीमें लगातार काम कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *