बीजेपी से जुदा होंगे सांसद राजकुमार सैनी, दो सितंबर को बनाएंगे अलग पार्टी

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 30 July, 2018

हरियाणा में बीजेपी के ओबीसी चेहरा और कुरुक्षेत्र से सांसद राजकुमार सैनी जल्द ही पार्टी से जुदा होने वाले हैं। वो दो सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर पानीपत की धरा पर नई पार्टी का ऐलान करेंगे। उनकी पार्टी का नाम लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी होगा।

इससे पहले काफी समय से वो पार्टी बनाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन किन्ही ना किन्ही कारणों के चलते उनका फैसला टल रहा था, लेकिन अब चुनाव के मौसम में राजकुमार सैनी अपनी नई पार्टी का ऐलान करेंगे।

राजकुमार सैनी काफी वक्त से बीजेपी से बगावत कर चुके हैं, और आरक्षण की मांग को लेकर पार्टी से भिड़ते हुए दिखाई देते हैं। अब पिछले करीब दो सालों से राजकुमार सैनी अपनी नई जुगत में लगे हुए हैं।

जाट आरक्षण को लेकर भी वो अपनी ही पार्टी पर हमलावर रहे हैं। जाट आरक्षण को लेकर एक विशेष जाति समुदाय को लेकर काफी बार वो टिप्पणी कर चुके हैं, हालांकि बीजेपी सांसद होने के नाते भी वो अपने लोकतंत्र सुरक्षा मंच के जरिये बयानबाजी करते रहे हैं।

अब लोकतंत्र सुरक्षा मंच के जरिये वो अलग-अलग जगहों पर रैलियां और नुक्कड़ सभाएं कर रहे हैं। इस दौरान वो सौ फीसदी आरक्षण की मांग करते रहे हैं। वो हमेशा राज्यसभा सांसदों और राज्यसभा का विरोध करते रहे हैं।

राजकुमार सैनी ने पार्टी से दूरियां बनाते हुए साल 2015 में लोकतंत्र सुरक्षा मंच बना लिया था जिसके बैनर तले वो काफी रैलियां, सम्मेलन और सभाएं कर चुके हैं। इस मंच के जरिये उन्होने पांच मांगों का एक घोषणापत्र भी तैयार कर रखा है।

राजकुमार सैनी ओबीसी वर्ग के नेता हैं और उन्होने जाट आरक्षण का खुलकर विरोध किया है। इसको लेकर वो हमेशा सुर्खियों में रहे हैं। उनकी सभाओं का भी जगह-जगह पर विरोध हुआ है। और राजकुमार सैनी पर जाट नेता भाइचारा बिगाड़ने का आरोप लगाते रहे हैं।

राजकुमार सैनी ने बीजेपी के नेताओं पर भी आरक्षण को लेकर हमेशा आरोप लगाए हैं। एक जाति विशेष और लठ के दबाव में काम करने तक की संज्ञा दी है। इसके अलावा सैनी ने आरक्षण को लेकर पार्टी के साथ खूब तनातनी रखी है।

अब राजकुमार सैनी पिछले कई दिनों से नई पार्टी के जरिये प्रदेश की सभी 90 विधानसभा और 10 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा कर रहे हैं। उनके मंच के एक सदस्य कह भी चुके हैं, इस पार्टी में किसी जाट नेता को  टिकट नहीं दिया जाएगा।

राजकुमार सैनी ने राजनीति की शुरुआत जवानी के दिनों में ही कर दी थी, सैनी ने 24 साल की उम्र में ही 1977 में ग्राम पंचायत “बड़ी रसौर” के सरपंच बन गए। वह 2 बार इस पद पर रहे और अपने गांव में शिक्षा की महत्वता के लिए बहुत ही व्यापक स्तर पर अभियान चलाया।

-सन 1983 में राजकुमार सैनी पंचायत समिति, नारायणगढ़, जिला-अंबाला के सदस्य (बीडीसी) बने और अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण रुप से निर्वहन किया।

-सन 1994 में सैनी जिला परिषद् (अंबाला) के सदस्य बने। इस समय तक उनका कारोबार काफी आगे बढ़ चुका था।

-सन 1996 में राजकुमार सैनी जिला स्तरीय राजनीति से ऊपर उठकर अगले पायदान राज्य स्तरीय राजनीति में आए और हरियाणा विधानसभा के सदस्य (विधायक) बने।

-सन 1997 से 1999 तक उन्होंने हरियाणा सरकार में राज्यमंत्री (प्रिंटिंग स्टेशनरी और परिवहन) का कार्यभार संभाला सैनी ने परिवहन राज्य मंत्री रहते हुए ट्रक व बसों के चालकों को प्रशिक्षित करने का एक व्यापक अभियान चलाया जिसकी तत्कालीन सरकार में बहुत सराहना हुई।

-सन 2000 में उन्हें राज्यमंत्री (खेल और परिवहन) बनाया गया। खेल राज्य मंत्री रहते हुए उन्होंने राज्य स्तरीय खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए अभियान चलाया और कई छोटे बड़े स्टेडियमों का निर्माण कराया।

-मई 2014 में वह 16वी लोकसभा के लिए कुरुक्षेत्र (हरियाणा) से निर्वाचित हुए।

-सितंबर 2014 में उन्हें “उद्योग संबंधी स्थाई समिति” और “इस्पात व खनन मंत्रालय” की सलाहकार समिति का सदस्य बनाया गया।

वर्तमान में वह भारतीय जनता पार्टी के हरियाणा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं लोकतंत्र सुरक्षा मंच के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा हरियाणा में 2019 विधानसभा चुनाव के लिए अपनी नई पार्टी बनाने के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं।

राजकुमार सैनी की पार्टी के मुद्दे

  1. 100% आरक्षण- राजकुमार सैनी जी का कहना है सभी जातियों को उनके अपने अनुपात के अनुसार आरक्षण दे देना चाहिए।
  1. एक परिवार एक रोजगार- सैनी जी का कहना है एक परिवार में बस एक ही सरकारी नौकरी का प्रावधान होना चाहिए जिससे अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंचे।
  1. जनसंख्या नियंत्रण के लिए दो से अधिक बच्चे पैदा करने पर प्रतिबंध लगना चाहिए।
  1. किसानों और मजदूरों को मनरेगा योजना द्वारा आपस में जोड़ देना चाहिए जिससे मजदूरों को अधिक रोजगार मिले व किसानों को आसानी से मजदूर उपलब्ध हो सके।
  1. राज्य सभा समाप्त की जाए- सैनी जी का मानना है कि जनता अपने जनप्रतिनिधियों को चुनकर संसद में भेज रही है तो राज्यसभा में बाहर से आए मनोनीत लोगों की क्या आवश्यकता।

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