रामपाल को आज सुनाई जाएगी सजा, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

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Vinod Saini, Yuva Haryana

Hisar, 16 Oct, 2018

रामपाल को दोनों मामलों में दोषी करार दिए जाने के बाद आज सजा सुनाई जाएगी। सजा के एलान को लेकर आज हिसार में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।बता दें कि संतराम को जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था।

रामपाल पर अभियोग 429, 430 और 443 पर सुनवाई हुई थी। छह अक्टूबर को सतलोक आश्रम प्रकरण के हत्या के मुकद्दमा नंबर 430 में सुनवाई हुई थी। इस केस में आश्रम प्रमुख रामपाल समेत 14 लोग आरोपी हैं।

केस नंबर 429 और 430 में रामपाल पर हत्या, देशद्रोह के दो मुकद्दमें दर्ज थे। कोर्ट में केस नंबर 428 देशद्रोह से जुड़ा हुआ है इस केस में रामपाल समेत 937 आरोपी बनाए गए हैं। यह केस बरवाला में 19 नवंबर 2014 को दर्ज किया गया था। इसमें रामपाल, प्रीतम, बिल्लू, राजेंद्र, बिजेंद्र, सावित्री, बबीता पूनम आदि के खिलाफ केस दर्ज किया था।

अभियोग नंबर-430 में धारा 302, 343, 120 बी के तहत रामपाल, प्रीतम उर्फ राजकपूर, राजेंद्र सहित 14 के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसमें पांच महिलाओं की मौत का मामला था, जिसमें एक बच्चे की मौत भी शामिल है।

पढ़िए युवा हरियाण के जरिए पूरा मामला-

साल 2006 में रोहतक के करौंथा गांव के सतलोक आश्रम में गोलीकांड हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। रामपाल को आरोपी बताया गया था और लगभग 22 महीने वह जेल में रहा था। साल 2010 तक जेल में पेश हुआ, लेकिन 2010 से लेकर 2014 तक कोर्ट के 42 बार बुलाने पर भी पेश नहीं हुआ था। आखिरकार 2014 में वीडियो कांफ्रेंसिंग का तरीका निकाला गया।

14 जुलाई 2014 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रामपाल को पेश होना था। लेकिन रामपाल के समर्थकों ने हंगामा खड़ा कर दिया था। इसके बाद पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल के खिलाफ नोटिस भी जारी कर दिया गया था। 5 नवंबर से 21 नवंबर तक चार तारीखें मिली, लेकिन रामपाल अदालत से छिपा रहा।

2013 में आश्रम के बाहर फिर से झड़प हुई, जिसमें दो लोग मारे गए थे। कोर्ट ने रामपाल का पेश न होने को लेकर प्रशाशन को भी झाड़ा था। उसके खिलाफ गैर जमानती वारैंट जारी किया गया और पुलिस को उसे कोर्ट में हाजिर करने को कहा। 2014 में खुद को रामपाल ने आश्रम में ही कैद कर लिया था।

कोर्ट ने जब पुलिस और प्रशासन को रामपाल को पेश करने के आदेश दिए, तो पुलिस ने रामपाल के किले को घेर लिया था। जिसके बाद रामपाल ने अपने पैहरेदारी के लिए अपने समर्थकों की फौज भी तैयार कर ली थी। जिन्होंने अपने हाथ में पत्थर, पेट्रोल बम और अन्य हथियार लिए हुए थे।

करीब तीन दिनों तक आश्रम से रामपाल के समर्थकों ने पुलिस पर हमला किया। आश्रम में अंदर घूसने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कतों का सामना करना पड़ा। लेकिन 19 नवंबर की रात को रामपाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया । पुलिस ने रामपाल के आश्रम से 15 हजार लोगों को बाहर निकाला था।

रामपाल के आश्रम में 2 महिलाओं और और 2 लोगों की अस्पताल में मौत हुई थी।

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