जो दादा-दादी के नहीं हुए वो जींद के कैसे होंगे – सुरजेवाला

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Yuva Haryana,

Jind, 22 Jan, 2019

जींद उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कुनबाघाणी करने वाले जींद का भला नहीं कर सकते। जो आदमी एक इलेक्शन व एक जलसे के लिए 86 साल के बुजुर्ग को अस्पताल में इलाज करवाते समय तिहाड़ में भिजवा दे वो जींद का क्या करेंगे आप समझ सकते हैं।

चौटाला परिवार में जूतम-पैजार और दादी द्वारा चुनाव लड़ रहे पोतों के प्रति व्यक्त पीड़ा का हवाला देते हुए सुरजेवाला ने कहा कि पोते हमेशा दादा- दादी के दुलारे होते हैं लेकिन कल उनकी दादी को रोते हुए यह कहते हुए सुना कि या तो किसी के ऐसे पोते हों ना, हों तो रहे ना। उन्होंने तो यह तक कह दिया कि उनकी मृत्यू के बाद उनको हाथ भी यह लोग ना लगाएं। दादा- दादी को जिन्दा रहते मारने वाले ऐसे लोगों से जींद के भले की उम्मीद कैसे की जा सकती है। इसे ही बुजुर्ग लोग कुनबाघानी कहते हैं।

सुरजेवाला ने कहा कि इस इलाके से दो भाई चुनाव में बयानबाजी कर रहे हैं, इन भाइयों की पोल कल सबके सामने आ गई। मैं ओमप्रकाश चौटाला व उनके परिवार द्वारा जनता और क्षेत्र की अनदेखी के खिलाफ पूरी जिंदगी लड़ा, क्योंकि वो इलाके के लिए हानिकारक हैं। लेकिन दुष्यंत व दिग्विजय सिंह चौटाला के शरीर की चमड़ी, उनके ठाठ-बाठ, गाडिय़ों व रुपया उनके पास है, उनके दादा का है। जो आदमी एक इलेक्शन व एक जलसे के लिए 86 साल के बुजुर्ग को अस्पताल में इलाज करवाते समय तिहाड़ में भिजवा दें, वह जींद का क्या करेंगे आप समझ सकते हैं। इनकी तरफ ध्यान नहीं देना है। मुझे मौका दीजिए आपके इलाके की तकदीर व तस्वीर बदलने का काम करेंगे।

नुक्कड़ सभाओं में उमड़ी भारी भीड़ से गदगद सुरजेवाला ने कहा कि जींद उपचुनाव विधायक बनाने का चुनाव नहीं है, बल्कि यह चुनाव हरियाणा के भाग्य का निर्णय करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि मैं पहले से विधायक हूं, जींद की इसी जनता ने साढ़े 26 साल की उम्र में मुझे नरवाना से विधायक बनाया था। मैं चार बार विधायक जीता हूं और अब भी मौजूदा विधायक हूं। फिर भी मैं जींद उपचुनाव लडऩे आया हूं, इसके पीछे मुख्य कारण है कि मैंने इसी धरती पर जन्म लिया है। यहीं पर पला बढ़ा हूं और यहीं से मुझे पंख लगे हैं। उन्होंने कहा कि जींद की इसी धरती के आशीर्वाद से मुझे प्रदेश व देश में प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला और देश व प्रदेश की सेवा करने का मौका मिला। अब मेरा लक्ष्य जींद की धरती का कर्ज उतारने का है। कांग्रेस हाईकमान ने जब मुझे इस धरती से चुनाव लडऩे के आदेश दिए तो मैं मना नहीं कर सका, क्योंकि जींद के लोग मेरा परिवार हैं। उन्होंने कहा कि जींद को आज पूरे प्रदेश में सबसे पिछड़ा हलका माना जाता है। मुझे एक बार मौका दो मैं इस पिछड़ेपन के ठप्पे को उखाड़ फैकूंगा।

सुरजेवाला ने कहा कि आप लोग मुझे अपनी सारी मुश्किलें दे दें, सारी तकलीफ और मुसीबत दें, खेत का हाली बना दें और गल्ले का मुनीम बना दें। मैं जींद के बच्चों का भविष्य व जींद का रास्ता बदल दुंगा। उन्होंने कहा कि आज कैथल के लोग इस विधानसभा में हर घर और गांव में आए हुए हैं, क्योंकि मैंने वहां काम किया है। जब डबवाली से कालका तक कांग्रेस जीत नहीं पाई तो इसी कैथल की धरती के लोगों ने उनको आशीर्वाद देकर पहले से अधिक मतों से जीत हासिल करवाई थी और अब भी उनके साथ डटकर खड़े हैं।

सुरजेवाला ने कहा कि सीएम खट्टर कह रहे हैं कि उनके पास 52 एमएलए हैं, अगर जींद उपचुनाव हार गए तो उन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अगर उनको फर्क नहीं पड़ता तो वह यहां पर चुनाव में लोगों से मत क्यों मांग रहे हैं। पूरे प्रदेश में साढ़े 4 साल में विकास की एक ईंट नहीं लगाई और अब सत्ता के नशे में इतने चूर हैं कि जींद की जनता का वोट उनको चाहिए ही नहीं।

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