मोदी सरकार नहीं, मुनाफाखोर कम्पनी चला रहे हैं, देश के गरीब कभी माफ़ नहीं करेंगे – सुरजेवाला

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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया इंचार्ज व पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति के सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री खट्टर पर जोड़ी को देश के इतिहास में सबसे बड़े किसान विरोधी क़रार दिया है।

यहाँ समालखा की अनाज मण्डी में पूर्व युवा प्रदेश अध्यक्ष संजय छौक्कर द्वारा आयोजित बदलाव रैली में जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ के बीच सुरजेवाला ने मोदी व खट्टर सरकार को निशाने पर लेते हुए सुरजेवाला ने कहा कि आज पूरे हरियाण प्रांत और पूरे देश के अंदर पीठ और पेट एक करके मिट्टी से सोना पैदा करने वाला किसान व उसके साथ काम करने वाला मजदूर पीडि़त, व्यथित और आंदोलित है। उन्होंने कहा कि जब केन्द्र में भाजपा की सरकार नहीं बनी थी तो नरेन्द्र मोदी ने कुरूक्षेत्र में एक जलसे के दौरान किसानों को वायदा किया था कि भाजपा की सरकार आने पर उनको फसल लागत का 50 फीसदी मुनाफा दिया जाएगा। जब सरकार बनी तो मोदी व खट्टर सरकार ने इस वायदे को भूलाकर किसानों की पीठ पर खंजर घोपने का काम किया। उन्होंने कहा कि यहां तक ही नहीं केन्द्र सरकार ने 22 फरवरी 2015 को सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा था कि वह किसानों को 50 फीसदी मुनाफा नहीं दे सकते। इससे बाजार भाव बिगड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी खट्टर के चार साल में किसानों को बेहाल कर दिया गया है। मोदी और खट्टर सरकार द्वारा इससे बड़ा अन्याय किसान के साथ क्या हो सकता है कृषि मूल्य आयोग का हवाला देते हुए सुरजेवाला ने कहा कि धान का समर्थन मूल्य 2340 रु प्रति क्विंटल होने के बाद भी किसानों को 1750 रु प्रति क्विंटल मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खट्टर सरकार द्वारा पिछले 6 महीने में डीएपी की कीमत 25 प्रतिशत बढ़ा दी गई है। 1091 रु से 1290 रु प्रति 50 किलो के बैग पर बढ़ा दिए। इसके अतिरिक्त यूरिया के कट्टे का वजन 50 किलो से घटाकर 45 किलो बढ़ाते हुए रेट में बढ़ोत्तरी कर दी व इसके साथ ही बीज,बिजली, सिंचाई के साधनों के रेट बढ़ा दिए।


सुरजेवाला ने कहा कि किसान की फसल खराब होती है तो केन्द्र व खट्टर सरकार कहती है कि हमने फसल बीमा योजना लागू की है। इसकी सच्चाई किसी को नहीं बताई। इस सरकार ने खेती बाड़ी पर टैक्स लगाकर 22 हजार करोड़ रुपये एकत्रित कर लिए और किसानों को बीमा के रूप में केवल मात्र 6 हजार 700 करोड़ रुपया दिया गया। 14 हजार करोड़ रुपये देश की 5 बीमा कंपनियों के खाते में चले गए, इनमें से कुछ कंपनियां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चहेती कंपनियां हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना का नाम प्रधानमंत्री फसल बीमा नहीं, बल्कि निजी कंपनी मुनाफा योजना होना चाहिए था।

भाजपा पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए सुरजेवाला ने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि जब किसी सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र पर टैक्स लगाया गया हो। भाजपा ने पेट्रोल व डीज़ल पर भारी टैक्स लगाए, जिसके चलते डीज़ल व पेट्रोल आज भी उसी भाव में मिल रहा है,जब कच्चे तेल की कीमतें दोगुना हुआ करती थीं। सुरजेवाला ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 16 मई 2014 को पेट्रोल के भाव 71 रु प्रति लीटर और डीजल के भाव 55.49 रु प्रति लीटर थे लेकिन आज साढ़े 4 साल के बाद पेट्रोल के भाव 81.75 रु और डीजल 74.17 रु प्रति लीटर की बढोत्तरी करके भाजपा इस देश पर कुठाराघात कर रही है और इतना ही नही जब कांग्रेस का राज था तब डीजल पर 9.25 प्रतिशत और पेट्रोल पर21.5 प्रतिशत वैट था लेकिन आज खट्टर सरकार ने डीजल पर 17.25 प्रतिशत और पेट्रोल पर 5 प्रतिशत की बढोत्तरी के साथ 26.25 प्रतिशत की बढोत्तरी करने के साथ पेट्रोल पर 212% और डीजल पर 443% अतिरिक्त टैक्स लगाकर भाजपा ने इस प्रदेश के लोगों की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है। इसी प्रकार केंद्र की मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल पर एक्साईज डयूटी लगाकर इस देश की जनता से 11 लाख करोड़ रुपए और खट्टर सरकार 18 हजार करोड़ रुपए वसूल रही है। यही भाजपा व कांग्रेस की सोच का फर्क है। भाजपा द्वारा ट्रैक्टर एवं अन्य सभी उपकरणों पर12 प्रतिशत का जीएसटी टैक्स लगाया गया जबकि टायर, ट्यूब और ट्रांसमिशन पार्ट्स पर 18 प्रतिशत का जीएसटी टैक्स लगाया गया। कीटनाशक दवाइयों पर 18 प्रतिशत, खाद पर 5 प्रतिशत तथा कोल्ड स्टोरेज पर 12 प्रतिशत का जीएसटी लगा दिया गया है। किसानो के आलू को सुरक्षित रखने वाले कोल्ड स्टोरेज पर भी 12 प्रतिशत टैक्स लगाकर किसानों की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया गया है।


प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को प्राइवेट मुनाफा कम्पनी व किसान शोषण योजना करार देते हुए सुरजेवाला ने कहा कि किसान की फसल खराब होती है तो केन्द्र व खट्टर सरकार कहती है कि हमने फसल बीमा योजना लागू की है। इसकी सच्चाई किसी को नहीं बताई। इस सरकार ने खेती बाड़ी पर टैक्स लगाकर 18 हजार करोड़ रुपये एकत्रित कर लिए और किसानों को बीमा के रूप में केवल मात्र 5600 करोड़ रुपया दिया गया। 14हजार 800 करोड़ रुपये देश की 7 बीमा कंपनियों के खाते में चले गए, इनमें से कुछ कंपनियां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चहेती कंपनियां हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना का नाम प्रधानमंत्री फसल बीमा नहीं, बल्कि प्राइवेट मुनाफा योजना व किसान शोषण योजना होना चाहिए था।

सुरजेवाला ने कहा कि आज भाजपा सरकार की तानाशाही रवैये के कारण प्रतिदिन 46 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। रादौर, यमुनानगर, शाहबाद के किसानों का जिक्र करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि किसानो के आलू के 25 पैसे के भाव पर जब किसान खट्टर सरकार के खिलाफ अपना विरोध प्रकट करते हैं तो उस विरोध का जवाब खट्टर सरकार द्वारा उन्हें पुलिस की लाठियों और गोलियों से दिया जाता है। आज खट्टर सरकार ने इरादाएकत्ल के मुकद्दमे के 47 किसानों को जेल में बंद कर रखा है। क्या इस तरह से ही देश व प्रदेश के किसानो का भला करेगी भाजपा सरकार? इसलिए बदलाव की जरूरत है।

सुरजेवाला ने कहा कि मेरा सरकार से सवाल है कि जब देश के 12 उद्योगपतियों का 2 लाख 83 हजार करोड़ का कर्जा माफ कर दिया गया तो 62करोड़ किसान मजदूरों का 2 लाख करोड़ रु क्यों नही माफ हो सकता।क्या इस तरह से ही देश व प्रदेश के किसानो का भला करेगी भाजपा सरकार?इसलिए बदलाव की जरूरत है। सुरजेवाला ने कहा कि जब कांग्रेस का शासन था तो कांग्रेस पार्टी ने इस देश के किसानों का 72 हजार करोड़ रु कर्जा माफ किया और अब कांग्रेस सरकार बनते ही गरीब किसान खेत मजदूर का 1 लाख तक का कर्जा माफ किया जाऐगा।

कांग्रेस कोर कमेटी के सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनते ही समलाखा में किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए एक शुगर मिल का निर्माण करवाया जाएगा और जिसके शिलान्यास का पत्थर भी संजय छौक्कर की रहनुमाई में संपन्न होगा।

 

 

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