मनोहर सरकार ने जींद के युवाओं का छीना अधिकार, बाहरी लोगों को मिला रोजगार- सुरजेवाला

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Jind, 13 Jan, 2019

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं जींद उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि जींद की मिट्टी का भी कर्ज मेरे ऊपर है, आप एक बार मुझे सेवा का मौका दीजिए, हम पांच साल में पूरे जींद जिला की तस्वीर बदल देंगे।

सुरजेवाला ने यह बात जींद शहर में आज सब्जी मंडी, नेता जी कॉलोनी, अर्बन एस्टेट, रोहिल्ला धर्मशाला, चंद्रलोक कॉलोनी, भटनागर कॉलोनी में अनेक जनसभाओं को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सुमित्रा चौहान, पूर्व विधायक आईजी शेर सिंह, जींद के कांग्रेस नेता प्रमोद सहवाग, महावीर कंप्यूटर, धर्मपाल कटारिया, सुधीर गौतम, रघुबीर सैनी, कमल चौहान, किरण सैनी भी मौजूद रहे।

विपक्षी नेताओं द्वारा बदला लिए जाने बारे बयानों का हवाला देते हुए सुरजेवाला ने कहा कि पहले उन्होंने नरवाना से बदला लिया, फिर उन्होंने कंडेला में लोगों की हत्याएं करवाई, फिर जींद से बदला लिया, फिर उचाना बदला लेने चले गए और अब फिर जींद आ गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव तरक्की करने के लिए, रोजगार देने के लिए, तस्वीर बदलने के लिए होता है। हम यहां बदला लेने के लिए नहीं आए हैं। हम तो एक ही नारा दे रहे हैं, जींद बदलेंगे और जिंदगियां भी बदलेंगे, नई तस्वीर भी बदलेंगे। उन्होंने कहा कि मुझे मौका नरवाना व कैथल में भी मिला।

भाजपा पर जींद के युवाओं से नौकरियों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए सुरजेवाला ने कहा कि खट्टर सरकार ने जींद इलाके के युवाओं को नौकरी के लायक ही नहीं समझा है। जींद जिले में खट्टर सरकार में 500 कच्चे कर्मचारी लगे, उनमें से 472 बाहर दूसरे जिलों के हैं। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि खट्टर सरकार द्वारा किस प्रकार से जींद के युवाओं से उनकी नौकरियों का अधिकार छीना गया है।हम अपने बच्चों को पढ़ाते हैं लिखाते हैं और नौकरी के काबिल बनाते हैं, लेकिन जींद पढ़े लिखे युवाओं को तो इस सरकार ने ग्रुप-4 की नौकरी के काबिल भी नहीं समझ रखा है।

सुरजेवाला ने कहा कि आज जींद शहर सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। आज जींद का पूरा का पूरा शहर आर्सेनिक जहर का पानी पीने को मजबूर है। दो बस्तियों को छोडक़र नहर का पानी नहीं है जींद शहर के अंदर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जींद में 56 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन मात्र 14 या 15 चिकित्सक ही यहां पर कार्यरत हैं। अब अगर कोई साधारण और गरीब आदमी बीमार हो जाता है तो वह सस्ते दामों में कहां इलाज करवाए। उनको मजबूर होकर या तो हिसार निजी चिकित्सकों के पास जाना पड़ता है और चंडीगढ़।

जजपा व इनेलो पर हमला बोलते हुए सुरजेवाला ने कहा कि उनका आपस में झगड़ा हो रहा है। इन दोनों में यही मुकाबला है कि दोनों में आगे कौन जा सकता है, इनको क्षेत्र की तरक्की से कोई सरोकार नहीं है। यह लोग तो बस यही कहते फिर रहे हैं कि हम बदला लेने आए हैं।

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