खट्टर सरकार का ब्राह्मण विरोधी DNA हुआ उजागर- रणदीप सुरजेवाला

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Yuva Haryana, Chanidgarh

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ब्राह्मण विरोधी मानसिकता के कारण भाजपा-जजपा सरकार ब्राह्मणों को दान में दी जमीन का मालिकाना हक वापस लेकर उन्हें प्रताडि़त व परेशान करने का षडयंत्र कर रही है। इस तुगलकी फरमान के चलते न तो ब्राह्मण समाज और न ही हरियाणावासी कभी भी भाजपा-जजपा सरकार को माफ करेंगे। खट्टर-दुष्यंत सरकार को अपने इस अहंकारी निर्णय का परिणाम अवश्य भुगतना होगा। कांग्रेस पार्टी ब्राह्मण समाज के खिलाफ की जा रही इस साजिश की कड़े शब्दों में निंदा भी करती है व पूरे हरियाणा में हम इसका डटकर विरोध करेंगे।

आज यहाँ जारी एक प्रेस वक्तव्य में सुरजेवाला ने कहा कि वर्ष 2010 में कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने कानून बना कर ब्राह्मण समुदाय के लोगों को जमीन का मालिकाना हक दिया गया था। 16 मार्च 2010 को स्वयं मुझे यह महत्वपूर्ण बिल ड्राफ्ट कर हरियाणा विधानसभा में पेश करने का सौभाग्य मिला था, जिससे 37,836 धौलेदार और 3838 भोंडेदार क्रमशः 14,187 एकड़ और 5 हजार से ज्यादा एकड़ जमीन के मालिक बन गए थे। लेकिन भाजपा- जजपा सरकार ब्राह्मण समुदाय के प्रति दुर्भावनाओं के चलते उनको उन्हीं की जमीनों से बेदखल कर लगभग पचास हजार ब्राह्मण परिवारों के हकों को छीनने पर उतारू है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से सीधा सवाल करते हुए सुरजेवाला ने पूछा कि वे ब्राह्मण समाज के प्रति दुर्भावना और अपमानजनक रवैया क्यों रखते हैं? क्यों उनकी सरकार उस जमीन को वापिस लेना चाहती है, जिसे कांग्रेस सरकार द्वारा कानून बनाकर दिया गया था? क्या कारण है की इस सरकार में ब्राह्मणों का बार-बार अपमान किया जा रहा है?

प्रदेश के लोग भली-भांति जानते हैं कि ब्राह्मणों को अपमानित करने के लिए खट्टर सरकार के दौरान किस प्रकार ब्राह्मण समाज को उनके रंग के आधार पर अपशकुनी और ब्राह्मण कन्याओं को देखने जैसे आपत्तिजनक प्रश्न पूछे गए। जब इसका प्रदेश भर में विरोध हुआ तो सरकार ने दिखावे के लिए एचएसएससी चेयरमैन भारत भूषण भारती पर कार्यवाही करने का नाटक किया और फिर तीन महीने बाद ही उन्हें न सिर्फ बहाल कर दिया बल्कि इनाम देते हुए एक्सटेंशन भी दे दी। इसी प्रकार मुख्यमंत्री की जींद सभा में से ब्राह्मण संघर्ष समिति के प्रमुख को धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया था।

उसके बाद पूरे हरियाणा ने देखा था कि किस प्रकार मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपनी ही पार्टी के एक ब्राह्मण नेता का सरेआम अपमान करते हुए उसकी गर्दन फरसे से काटने तक की बात कह दी थी। उनका कसूर इतना था कि वह मनोहर लाल खट्टर को मुकुट पहनाना चाहता था, लेकिन ब्राह्मण विरोधी सोच के कारण मुख्यमंत्री खट्टर को यह नागवार गुजरा था। सुरजेवाला ने यह भी याद कराया कि मुख्यमंत्री खट्टर ने तो भाजपा सांसद, अरविंद शर्मा के जन्मदिवस पर बहादुरगढ़ में उनका केक तक काटने से इंकार कर सबको अपमानित किया था।

मौजूदा भाजपा-जजपा सरकार में भी जिस प्रकार नारनौद विधायक, पंडित रामकुमार गौतम से दुर्व्यवहार किया जा रहा है व उनकी सदस्यता तक खत्म करने का षडयंत्र किया जा रहा है। यह अपनेआप में भाजपा-जजपा सरकार के ब्राह्मण विरोध को दर्शाता है। सुरजेवाला ने कहा कि बिना किसी देरी के खट्टर सरकार को इस तुगलकी फरमान को वापस ले पूरे ब्राह्मण समाज व हरियाणावासियों से माफी मांगनी चाहिए।

 

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