केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के तीखे बोल, एक जाति हमें चिचड़ की तरह समझती है

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Pardeep Dhankar, Yuva Haryana

Bahadurgarh, 28 Jan, 2019

केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने गैर जाट की राजनीति करने के संकेत दिए हैं। झज्जर के पाटौदा गांव में स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम की प्रतिमा का अनावरण पहुंचे राव इंद्रजीत ने साफ कहा कि पहले के नेता एक विशेष बिरादरी को महत्व देते थे और साेचते थे कि यह बिरादरी मदद करेगी तो बाकी सभी बिरादरियां चीचड़ की तरह अपने आप साथ हो जाएंगी। लेकिन अब वे लोग मान लें की चीचड़ किसी भी तरह से कमजोर नहीं है और अपने हकों की लड़ाई अच्छी तरह से लड़ना जानती हैं।

याद रहे सोमवार को गांव पाटौदा में राव तुलाराम की मूर्ति के अनावरण समरोह में राव इंद्रजीत बकौल मुख्यअतिथि मौजूद थे और समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ कर रहे थे। धनखड़ की मौजूदगी में ही राव सहाब ने प्रदेश सरकार पर सूबे के हर हिस्से को समान पानी देने में असफल बताया और कहा कि वे अपने जीवन का अंतिम चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

राव इंद्रजीत ने कहा कि वे अपने राजनीतिक जीवन के अंतिम दौर में अपने युवाओं की रगों में बहने वाले खून के प्रवाह को देखना चाहते हैं। उन्होंने मंच से ही कहा कि जनता को अपने कामों के लिए एक खूंटे की तलाश रहती है और जनता चाहे तो वे उनका खूंटा बनने को तैयार हैं। राव ने कहा कि वे दक्षिणी हरियाणा के हितों की लड़ाई की पारी खेलना चाहते हैं और सबको यह जान लेना चाहिए की झज्जर दक्षिण हरियाणा में आता है। यह कहकर राव ने झज्जर की जनता को अपनी ओर मिलाने की पहल कर दी। सीएम नहीं बन पाने का दर्द भी केंद्रीय मंत्री की बातों में दिखाई दिया, इसलिए उन्होंने प्रदेश के समान विकास की बात चाहे पानी का उदाहरण देकर ही कही मगर कही जरूर।
आपको यहां यह भी बता दें कि इससे पहले भी राव इंद्रजीत झज्जर के एक अन्य गांव में भी अपनी रैली कर दम दिखाने का काम कर चुके हैं। यहां यह भी काबिले गौर है कि राव तुलाराम की जिस मूर्ति का अनावरण आज इंद्रजीत ने किया उसको कुछ समय पहले गांव के युवकों द्वारा खंडित किया गया था। मूर्ति को खंडित करने का आरोप एक विशेष बिरादरी के युवकों पर लगा था। इस मामले में कई बार हुई पंचायत में यादव सभा ने बड़ा दिल दिखाते हुए किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इंकार करते हुए नई मूर्ति स्थापित करने का निर्णय लिया था।
आज का राव इंद्रजीत का संबोधन लोगों के उस क्यास पर भी विराम लगााने का काम करेगा, जिसमें लोग राव के भाजपा छोड़कर किसी अन्य दल से चुनाव लड़ने की संभावना की बात करते थे। समारोह में पहुंचने पर ढोल नक्कारों से राव का स्वागत किया गया। यादव सभा खुली जीप में राव को लेकर मंच तक आई।

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