हरियाणा में बेटियां नहीं हैं अपनों के बीच महफूज, यौन उत्पीड़न के अधिकतर मामले होते हैं जानकारी के

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Chandigarh, 29 Nov, 2018

हरियाणा में पिछले दिनों महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म और हत्या के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें देखा गया है कि महिलाओं के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न के मामलों में अधिकतर जान-पहचान या जानकारी के ही लोग होते हैं।

एक सर्वे के दौरान यह सामने आया है कि करीबन 95 फीसदी मामलों में आरोपी जान-पहचान के ही निकलते हैं। इतना ही नहीं पिता-दादा, भाई और बेटे के साथ ही पारिवारिक सदस्यों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।

अपनों द्वारा यौन उत्पीड़न के मामले में तेजी से प्रदेश में बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही पड़ोसियों द्वारा भी कई वारदातों को अंजाम देने के मामले सामने आए हैं। अधिकतर नाबालिग या कम उम्र की लड़कियों के ऊपर पड़ोसियों की गंदी नजर पड़ जाती है और फिर लड़की का घर में अकेले होने का फायदा उठाकर घटना को अंजाम दिया जाता है।

आंकड़ों के हिसाब से जान-पहचान द्वारा दुष्कर्म के मामले कुछ इस प्रकार हैं-

2009 में 603 मामले

2010 में 710 मामले

2011 में 733 मामले

2012 में 668 मामले

2013 में 971 मामले पुलिस द्वारा दर्ज किए गए हैं।

2014 में 1174 मामले

2015 में 1070 मामले

2016 में 1187 मामले

2017 में 1328 मामलों में 1251 अपनों द्वारा दुष्कर्म किए जाने के मामले पाए गए, जबकि इस साल अक्टूबर तक 1495 मामलों में 1406 आरोपित जान-पहचान के ही निकले हैं।

रिश्तेदारों ने भी भरोसा तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जिसके चलते यह सामने आया है कि 2009 में हुए दुष्कर्म के मामलों में 23, 2010 में 30, 2011 में 43, 2012 में 58 और 2013 में 103 मामलों में रिश्तेदार ही शामिल थे।

आज जिस तरीके से यह आंकड़े बढ़ते ही जा रहे है, उसे देख कर तो लगता है कि मानों अब जान-पहचान और रिश्तेदारों पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता। हमारी बेटियां अपनों के बीच ही अब महफूज नहीं रही हैं। यह बेहद शर्मनाक बात है, जिससे लोगों में आपस के रिश्तों में भी खटास आती जा रही है और इंसान ही इंसान का दुश्मन भी बन गया है।

 

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