दक्षिण हरियाणा में विकास को रफ्तार देगी दिल्ली से हाई स्पीड ट्रेन, राव इंद्रजीत ने खुद चंडीगढ़ आकर करवाया 25 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर

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हरियाणा सरकार ने दिल्ली में सराय काले खान (एसकेके) से हरियाणा-राजस्थान सीमा निकट शाहजहांपुर-नीमराना-बेहरोड़ (एसएनबी) तक हाई स्पीड रेल नेटवर्क बिछाने की रिजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना को अपनी स्वीकृति प्रदान की है। 
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गए। बैठक में केंद्रीय आयोजना राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मास ट्रांसपोर्टेशन परियोजनाएं गुरुग्राम, विशेष रूप से दक्षिण हरियाणा में विकास और निवेश को एक नई गति प्रदान करेंगी। 
बैठक में बताया गया कि आरआरटीएस परियोजना के लिए अलाइनमेंट गुरुग्राम में पुरानी दिल्ली रोड से सिग्नेचर टॉवर चौक को जाने वाला लेफ्टिनेंट अतुल कटारिया चौक तक और तदोपरांत एनएच-48 के साथ राजीव चौक तक एलिवेटिड सैक्शन के साथ चलेगा। इसके उपरांत यह अलाइनमेंट खेडक़ी धौला से आगे भूमिगत हो जाएगा और इसके बाद आईएमटी मानेसर तक भूमि पर आ जाएगा। यह अलाइनमेंट राजस्थान में प्रवेश करने से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग से धारूहेड़ा, रेवाड़ी और बावल तक साथ-साथ चलेगा। 
बैठक में यह भी बताया गया कि इस परियोजना का पहला चरण शाहजहांपुर-नीमराना-बेहरोड़ पर समाप्त हो जाएगा। उच्च गति रेल की औसत गति लगभग 100 किमी प्रति घंटे होगी और दक्षिणी हरियाणा से दिल्ली तक के दैनिक यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा प्रदान करेगी। प्रथम चरण की कुल लागत लगभग 25,000 करोड़ रुपये होगी। एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एनसीआरटीसी) द्वारा इस परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।
यह परियोजना भारत सरकार और उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली एनसीटी की संयुक्त उद्यम है। एनसीआरटीसी तीन महीनों में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगा और 31 मार्च, 2019  तक इसका कार्य आरम्भ होने की संभावना है।
बैठक में हुडा सिटी सेंटर से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक कनेक्टिविटी प्रदान करने की परियोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। यह निर्णय लिया गया कि शीतला माता रोड के साथ रेजांगला चौक तक कनेक्टिविटी विस्तार से पुराने गुरुग्राम से कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित होगी। इसके अतिरिक्त, द्वारका एक्सप्रेसवे से सेक्टर 21 द्वारका तक एक मेट्रो परियोजना की भी योजना बनाई जाएगी। इसके लिए, हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचएमआरटीसी) द्वारा तकनीकी-व्यवहार्यता का अध्ययन किया जाएगा। दो लाइनों को गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) द्वारा बसई चौक से सैक्टर 101/104 की विभाजक सडक़ के साथ निर्मित की जाने वाली प्रस्तावित नई सडक़ के साथ जोड़ा जाएगा। 
          इससे पूर्व, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) द्वारा हुडा सिटी सेंटर से मानेसर-रेवाड़ी और बावल तक प्रस्तावित मेट्रो परियोजना पर एक प्रस्तुति दी गई। भावी परियोजना आरआरटीएस के दृष्टिगत निर्णय लिया गया कि एचएसआईआईडीसी द्वारा हुडा सिटी सेंटर से मानेसर और पंचगांव तक प्रथम चरण के विस्तार के साथ परियोजना चरणों पर विचार किया जाएगा। एनसीआरटीसी के साथ कॉमन अलाइमेंट के समन्वय के उपरांत ही इसके हिस्सों पर विचार किया जाएगा। 
बैठक में बताया गया कि परियोजना को भारत सरकार के समर्थन के साथ जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) को वित्त पोषण के लिए तैयार किया जाएगा।
निवेश में डुप्लीकेशन से बचने के लिए भी बैठक में निर्णय लिया गया कि ये परियोजनाएं एक ही समय पर बनकर तैयार हो रही हैं।