रावण के अपहरण की गुत्थी सुलझी, पंचायत में दोनों पक्षों का फैसला

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Yuva Haryana
Panipat, 22 Oct, 2018

पानीपत के आजाद नगर में दशहरे के दिन रावण के पुतले के अपहरण की गुत्थी सुलझ गई है। इस मामले में लंबी खींचतान और आपसी कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के बीच पंचायत ने समझौता करवा दिया गया है।

दरअसल दशहरे के दिन रावण दहन की तैयारी चल रही थी कि अचानक दोपहर में कुछ लोग दिनदहाड़े रावण के पुतले को हथियारों के बल पर ट्रॉली में डालकर ले गए थे जिसके बाद विवाद बढ़ गया और आयोजकों ने उस वक्त तो नया पुतला लाकर दहन कर दिया था लेकिन बाद में पंचायत हुई थी।

बताया जा रहा है कि उस दिन परशुराम धर्मशाला में भंडारा चल रहा था और यहां पर कई शहरों के युवा पहुंचे हुए थे। उसी दौरान कुछ युवकों ने वार्ड नंबर 16 में राठी क्लब की ओर से में दशहरे के दिन लगाए गए रावण के 30 फीट के पुतले को ट्रॉली में डालकर गए थे और जाकर उसका विधिवत्त विसर्जन कर दिया था।

इस घटनाक्रम के बाद वार्ड में दोनों तरफ से ज्यादा तनातनी बढ़ गई तो दोनों तरफ से एक पंचायत का आयोजन किया गया जिसमें परशुराम धर्मशाला के दोनों प्रधानों ने दोनों पक्षों को मिलवाया और आरोपियों के परिजनों ने माफी मांगी ।

निवर्तमान पार्षद सुशील शर्मा, परशु राम धर्मशाला के प्रधान रामसिंह ने भाईचारे बनाए रखने की बात कही। जिस पर आयोजक पक्ष के रविंद्र राठी ने कहा कि यदि वार्ड के लोग समझौता चाहते हैं तो उन्हें स्वीकार है। जो हुआ वह गलत था।

इस दौरान धर्मशाला के प्रधान ने अपनी गलती मानी वहीं आगे से धर्मशाला में पूरा रिकॉर्ड रखने का भी फैसला लिया गया। इस पूरे मामले को लेकर राजनगर स्थित विश्वकर्मा धर्मशाला में महापंचायत हुई जिसमें पूरा मामला निपट गया ।

 

 

 

 

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