Home Breaking दो माह की बजाय एक माह में जनता को मिले बिजली बिल- रेनुका बिश्नोई

दो माह की बजाय एक माह में जनता को मिले बिजली बिल- रेनुका बिश्नोई

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Yuva Haryana News

हिसार, आदमपुर, उकलाना सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में तेज तूफान के साथ हुई भारी बारिश से ग्वार, कपास, नरमा की आदि की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। इससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार को तुंरत गिरदावरी करवाकर पीडि़त किसानों को मुआवजा राशी देनी चाहिए, ताकि किसानों को भारी आर्थिक हानि से बचाया जा सके।

यह मांग विधायक रेनुका बिश्नोई ने वीरवार को हलके के गांव लांधड़ी, अग्रोहा, मीरपुर, कुलेरी, साबरवास, सिवानी, किरमारा तथा कन्नौह में विभिन्न जलपान कार्यक्रमों में भाग लेने दौरान ग्रामीणों से बातचीत करने के बाद की। उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियों तथा प्राकृतिक आपदा से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। भजनलाल के शासनकाल में प्राकृतिक आपदा से पीडि़त किसानों को तुरंत मुआवजा राशी मिल जाती थी, परंतु वर्तमान सरकार ऐसी पॉलिसी लेकर आई है, जिससे किसानों को फायदा होने की बजाय नुकसान ही हुआ है।

फसल बीमा योजना पूरी तरह से असफल नीति रही है, इससे किसानों को मुआवजा राशी तो मिलना दूर किसानों को बिना बताए उनके खातों से पैसे ही काट लिए जाते हैं। सरकार ने इस योजना को लेकर बड़े-बड़े दावे किए थे, परंतु सच्चाई ये है कि 2016 में फसल बीमा योजना से जुडऩे वाले किसानों की संख्या पूरे देश में सिर्फ 4.86 करोड़ थी, जिसमें 2017-18 में सिर्फ 2 लाख की ही वृद्धि हुई है। हरियाणा में आत्महत्या के मामले में 2016-17 में 54 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। 2018 में अभी तक पूरे देश में सिर्फ 28.7 प्रतिशत किसानों को ही इस योजना की जानकारी है। इस दौरान गांवों में बड़ी संख्या में परिवार इनेलो व भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए।

रेनुका बिश्नोई ने कहा कि किसानों के साथ-साथ राज्य सरकार प्रदेश के कर्मचारी वर्ग के हितों से भी खिलवाड़ कर रही है। राज्य में रोड़वेज कर्मचारी लगातार संघर्ष कर रहे हैं। भाजपा नेता निजीकरण को बढ़ावा देकर अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रदेश के  उन युवाओं के साथ अन्याय कर रहे हैं जो सरकारी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। रोडवेज में प्राइवेट बसों को शामिल करने का सरकार का फैसला पूरी तरह से अव्यवहारिक है, जिसे तुरंत वापिस लिया जाना चाहिए। इसी तरह प्रदेश के युवा व छात्र वर्ग भी सरकारी उपेक्षा के कारण आंदोलन के लिए मजबूर हैं। कोई भी वर्ग भाजपा सरकार की नीतियों से खुश नहीं है।

रेनुका ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा बिजली की दरों में कटौती के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, जबकि सच्चाई ये है कि ये सभी दावे सिर्फ और सिफ दिखावे के लिए है। 200 यूनिट तक बिजली की दरों में कटौती की बात तो कही गई है, परंतु लोगों को बिजली का बिल पहले की तरह दो माह में ही मिलेगा और फ्यूल सरचार्ज में भी कोई कटौती नहीं की गई है, जिससे शहरी उपभोक्ताओं के साथ-साथ ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं को भी इस घोषणा का कोई खास लाभ नहीं मिलेगा। पिछले 4 वर्षों से बिजली के दामों में लगातार वृद्धि की जा रही थी और अब चुनाव नजदीक देख भाजपा बिजली दरों में कमी करने का स्वांग रच रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जागरूक जनता भाजपा के बहकावे व झूठे प्रचार में आने वाली नहीं और आने वाले चुनावों में क्षेत्र की जनता कुलदीप बिश्नोई को मजबूती देने के लिए कांग्रेस के पक्ष में एकतरफा मतदान करेगी।

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