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बाढ़ से बचने के लिए तैयारी कर रही हरियाणा सरकार, अधिकारियों को दिये निर्देश

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 20 Dec, 2018

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे दिल्ली के आस-पास लगते राज्य के क्षेत्रों में लगभग 50 झीलों या जलाशयों का निर्माण किया जाए ताकि बरसात के दिनों में आने वाली सम्भावित बाढ़ों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान नदियों में पानी का बहाव अधिक हो जाता है निचले इलाकों में बाढ़ आने की सम्भावाएं बढ़ जाती हैं, इस स्थिति से बचने के लिए ऐसे अतिरिक्त पानी को इन झीलों या जलाशयों में इक्ट्ठा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री आज यहां सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऐसी झीलों व जलाशयों का निर्माण ऐसी भूमि पर करें, जो बंजर या सेमग्रस्त हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की भूमि का चयन किया जाएगा और उसके बाद उस भूमि को झीलों या जलाशयों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके अलवा, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जो तालाब या जलाशय गंदे पानी से भरे हुए हैं उनकी सफाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में बताया गया कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार यमुना नदी से मानसून के मौसम के दौरान 16,500 क्यूसेक से अधिक पानी लिया गया, जबकि इससे पहले 15,000 क्यूसेक तक ही पानी लिया जाता था। बैठक में यह भी बताया गया कि पश्चिमी यमुना कैनाल प्रणाली के मुख्य कार्यों के लिए अनुमानित 1500 करोड़ रुपये की परियोजनाएं तैयार की गई हैं। वर्ष 1976-77 में निर्मित की गई जवाहर लाल नेहरू कैनाल में 3250 क्यूसिक पानी बह रहा है और इंद्री हैड से सिरसा ब्रांच में 2200 क्यूसिक के मुकाबले 2700 क्यूसिक पानी बह रहा है।

बैठक में बताया गया कि पश्चिमी यमुना कैनाल की मुख्य ब्रांच की क्षमता को खरीफ मौसम 2018 के दौरान बढाया गया है और वर्ष 2017 में 8500 क्यूसिक के मुकाबले 10,050 क्यूसिक अधिकतम पानी छोड़ा गया। इसके अलावा, मूनक कैनाल में 12759 क्यूसिक पानी छोड़ा गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सूक्ष्म सिंचाई पर अधिक बल देना चाहिए ताकि अधिक से अधिक भूमि को सिंचित किया जा सके। उन्होंने महेन्द्रगढ़ के दूर के क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के लिए अधिकारियों की प्रशंसा भी की और कहा कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा की और इस पर कार्य ते से करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मेवात में पानी ले जाने की परियोजना के कार्य पर तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

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