रेवाड़ी के सरकारी अस्पताल और निजी अस्पताल की कमीशन खोरी की वजह से गर्भ में मरा बच्चा

अनहोनी सेहत हरियाणा

Ajay Atri, Yuva Haryana

Rewari  (28 march 2018)

रेवाड़ी के गांव नेहरूगढ़ का रहने वाला संजय 10 मार्च को अपनी पत्नी की डिलीवरी करवाने रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल आया था।  जहां उन्हें कुछ दवाइयां देकर वापस घर भेज दिया गया। लेकिन रात को ही पत्नी को जब प्रसव पीड़ा हुई तो वह एम्बुलेंस बुलाकर फिर अपनी पत्नी को नागरिक अस्पताल ले आया।

डॉक्टर्स ने पहले तो कहा कि इसकी हालत नाजुक है। इसलिए इसे हायर सेंटर रोहतक भेजा जाएगा। जब संजय नहीं समझा तो उसे कहा गया कि इसका अल्ट्रासाउंड करवाया जाए। रात को अस्पताल में सुविधा ना होने के कारण बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाया गया। फिर डिलीवरी सुबह कराने की बात कहकर प्रसव पीड़ा में उसकी पत्नी को अकेला छोड़ दिया गया।

इसी बीच रात करीब एक बजे एक निजी अस्पताल की नर्स आई और डिलीवरी करवाने की बात कहकर उसे अपने साथ ले गई। डिलीवरी तो तत्काल करवा दी गई, लेकिन तब तक बच्चा गर्भ में ही दम तोड़ चुका था। इस पर जब संजय ने आवाज उठाई तो सरकारी अस्पताल ने जहां प्रसूता की फ़ाइल को चोरी करने का आरोप लगा दिया तो वहीं निजी अस्पताल संचालक ने कहा कि यह फ़ाइल फाड़कर फेक दी है।

यह मामला कमीशन का है। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है। यहां गरीबों को मौत का भय दिखाकर कमीशन के लिए निजी अस्पतालों में भेजने के कई मामले आ चुके है। वहीं अधिकारियों ने भी रटा रटाया जवाब दिया, लेकिन किसी भी मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बता दें कि संजय ने न केवल जिला उपायुक्त को इसकी शिकायत दे रखी है, बल्कि रेवाड़ी पहुंची हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन के सामने भी यह बात रखी।

 

 

 

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