रोडवेज बसों का चक्का जाम, यात्री हो रहे परेशान

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Sahab Ram, Yuva Haryana

Chandigarh, 07 August

 

हरियाणा रोडवेज बसों की आज हड़ताल है, करीब 4 हजार बसों का पहिया आज थम गया है। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ यह हड़ताल की है लेकिन इस हड़ताल से आम आदमी बुरी तरह से परेशान हो रहा है।

मोटर व्हीकल संशोधन बिल 2017 को रद्द करवाने, सरकार द्वारा 700 बसें ठेके पर लेने के विरोध में, आमजन की बेहतर,किफायती, व सुरक्षित सरकारी परिवहन सेवा को बचाने के लिए, व परिवहन के क्षेत्र में सरकारी रोजगार को बचाने आदि मुद्दों को लेकर पूरे प्रदेश में रोडवेज का पूर्ण चक्का जाम है।

हरियाणा रोड़वेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेता इंद्र सिंह बधाना, सरबत सिंह पूनिया, वीरेंद्र सिंह धनखड़ व पहल सिंह तवर ने संयुक्त बयान में बताया कि केंद्र सरकार नए मोटर व्हीकल एक्ट को लागू करके सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र का पूर्ण निजीकरण करने का रास्ता साफ करना चाहती है। तथा आम जनता से किफायती व सुरक्षित सरकारी परिवहन की सेवा छीनना चाहती है। इससे सरकारी परिवहन सेवा का क्षेत्र बर्बाद हो जाएगा।

वहीं इस बिल में वाहन चालकों पर सजा व दण्ड को बढ़ाकर कई गुणा कर दिया गया है। हरियाणा सरकार इस बिल के पास होने से पहले ही इस बिल के मसौदे को हरियाणा में लागू करने पर उतावली हो रही है इसी उतावलेपन के तहत 700 बसों को ठेके पर लेने का फैसला किया गया है l जबकि हरियाणा की जनता, किसी भी गांव की पंचायत, कोई भी छात्र या छात्रा, कोई भी बेरोजगार युवक या कोई भी कर्मचारी प्राइवेट बसों की मांग नहीं कर रहे हैं सभी प्रदेश वासियों द्वारा केवल सरकारी बसों की मांग की जा रही है।

यदि यह कानून लागु हो गया तो सरकारी विभागों के निजीकरण के कारण बेरोजगार युवकों के परिवहन के क्षेत्र में सरकारी रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे। निजीकरण के कारण भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा कानून सख्त होने के कारण कोई भी ड्राईवर या आम आदमी सड़क पर वाहन नहीं चला सकेगा । क्योंकि वाहन चालक से कोई भी छोटी गलती या कोई भी छोटी दुर्घटना होने पर भारी-भरकम जुर्माना, जेल की सजा, व चालक का लाइसेंस रद्द होने आदि का प्रावधान इस बिल में है।

वाहन के पंजीकरण का कार्य एजेंसिओं के हाथ में चला जाएगा तथा वाहन की मरम्मत का कार्य एजेंसीयो से ही करवाने व वाहन में उसी कंपनी का स्पेयर पार्ट लगवाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

इससे मोटर गाड़ियों के मरम्मत का कार्य करने वाले लाखों छोटे दुकानदारों पर बुरा असर पड़ेगा l इसलिए Union मांग करती हैं की रोड सेफ्टी एवं मोटर व्हीकल संशोधन बिल 2017 वापस लेकर इसे तुरंत रद्द किया जाए l परिवहन विभाग में 700 बसें ठेके पर लेने का फैसला सरकार तुरंत प्रभाव से रद्द करें।

हाई कोर्ट के फैसले से प्रभावित कर्मचारियों को राहत देने के लिए विधानसभा में कानून बनाया जाए व कच्चे कर्मचारियों को शीघ्र पक्का किया जाए, 2016 में लगे चालक-परिचालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए ।

पैट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, परिवहन के सरकारी सार्वजनिक क्षेत्र को वित्तिय सहायता देकर इस क्षेत्र को बचाया व बढ़ाया जाए, उन्होंने कहा प्रदेश की जनसंख्या के अनुपात के अनुसार परिवहन बेड़े में 14000 नई सरकारी बसें शामिल की जाए।

इससे प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवकों को सरकारी रोजगार मिल सकेगा वही आम जनता को किफायती व सुरक्षित सरकारी परिवहन की सेवा मिल सकेगी परिवहन विभाग में कर्मशाला सहित खाली पदों पर शीघ्र पक्की भर्ती की जाए तथा अन्य लंबित एवं मानी हुई मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए ।

 

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