आज रात 12 बजे से रोडवेज का चक्का जाम, यात्रियों को हो सकती है भारी परेशानी

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 15 Oct, 2018

हरियाणा रोडवेज में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए कल और परसों दो दिनों तक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। रोडवेज की 4100 बसों का आज आधी रात से पहिया रुक जाएगा और अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी दो दिनों तक हड़ताल पर रहेंगे।

700 बसें निजी कम्पनियों से किलोमीटर स्कीम पर हायर करने के विरोध में तालमेल कमेटी के आह्वान पर आज रात 12 बजे से 4100 बसों का पुर्ण रुप से चक्का जाम हो जायेगा। यह जानकारी तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य हरिनारायण शर्मा, दलबीर किरमारा, विरेन्द्र धनखड़,अनुप सहरावत, इन्द्र सिंह बधाना, जयभगवान कादियान व बलवान सिंह दोदवा ने संयुक्त रूप से ब्यान जारी करवाते हुए दी।

उन्होंने बताया कि रोड़वेज कर्मचारी बिल्कुल भी ‌हड़ताल नहीं करना चाहते तथा सरकार से लगातार वार्ता की मांग कर रही है लेकिन सरकार बार-बार वादाखिलाफी करते हुए तालमेल कमेटी के साथ वार्ता न करके जानबूझकर रोड़वेज कर्मचारियों को हड़ताल में झौंकना चाहती है। मुख्यमंत्री जी ने विधानसभा में खुद घोषणा की थी कि रोड़वेज कर्मचारियों से बातचीत की जाएगी तथा 6 अक्तुबर को मतलौडा में भी एस.डी.एम द्वारा लिखित में आश्वासन दिया था कि 11 से 13 अक्तुबर तक किसी भी दिन तालमेल कमेटी की मुख्यमंत्री जी से वार्ता करवाई जाएगी लेकिन सरकार बार-बार आश्वासन देकर वार्ता से भाग रही है तथा लाठ-गोली के दम पर ‌आन्दोलन को रुकवाना चाहती है। लेकिन दमनकारी नीतियों के बल पर आन्दोलन कभी भी रुकने वाला नही बल्कि और उग्ररूप धारण करेगा।

उन्होंने बताया कि परिवहन मंत्री व अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन मिलकर बड़े ट्रांसपोर्टरों से सांठगांठ करके किलोमीटर स्किम के नाम पर एक बड़ा घोटाला कर रहे हैं, जिसकी तालमेल कमेटी बार-बार जांच की मांग कर रही है। इसलिए दोनों अपनी पोल खुलने के भय से मुख्यमंत्री को गुमराह करके बातचीत करवाने की बजाय सरकार व रोड़वेज कर्मचारियों में एक बार फिर टकराव करवाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन सरकार ने अपनी हठधर्मिता छोड़कर तालमेल कमेटी के साथ के साथ बैठक करके उनकी बात सुननी चाहिए तथा बातचीत के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान करना चाहिए ताकि हड़ताल होने की वजह से जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो तथा विभाग को लाखों रुपए के आर्थिक नुक्सान से बचाया जा सके।

तालमेल कमेटी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने समय रहते वार्ता करके सभी समस्याओं का समाधान नहीं किया व दमनकारी नीतियां ‌अपनाते हुए एस्मा के तहत किसी भी प्रकार की कार्यवाही करने का प्रयास किया तो ‌16-17 अक्तुबर को होने वाला चक्का जाम अनिश्चितकालीन में बदल सकता है। जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार व परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों की होगी।

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