रोडवेज की हड़ताल तीन दिन और बढ़ी, कर्मचारी यूनियनों ने लिया फैसला

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 19 Oct, 2018

हरियाणा रोडवेज की दो दिनों से चल रही हड़ताल को अब बढ़ा दिया गया है। कर्मचारी यूनियनों ने फैसला लेकर अब इस हड़ताल को अगले 72 घंटे और बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। युवा हरियाणा को फोन पर कर्मचारी नेता सरबत सिंह पूनिया ने बताया कि सरकार दमनकारी नीति अपना रही है तो कर्मचारी भी पीछे हटने वाले नहीं है।

सरबत सिंह पूनिया ने युवा हरियाणा को बताया कि प्रदेश में साल 2016 में चार दिनों तक हरियाणा रोडवेज की हड़ताल हुई थी वहीं हरियाणा के इतिहास में सबसे लंबी हड़ताल चौधरी भजनलाल की सरकार के दौरान हुई थी।

सरबत सिंह पुनिया बताते हैं कि साल 1993 के दिसंबर महीने की वो बात है जब कच्चे कर्मचारियों को पक्के करने की मांगों समेत प्रदेश के लाखों कर्मचारियों ने भजनलाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। ये हड़ताल 7 दिंसबर से शुरु होकर 15 दिसंबर की शाम तक चली थी।

युवा हरियाणा को बताते हुए सरबत पूनिया ने कहा कि उस वक्त 15 दिसंबर की शाम को समझौता हुआ था उसके बाद सब कर्मचारी पटरी पर लौटे थे। लेकिन उस वक्त भी करीब 40 हजार कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया था। जिसमें 10 हजार से ज्यादा रोडवेज के कर्मचारी थे। उन्होने बताया कि हजारों कर्मचारियों को जेलों में डाल दिया गया था। हालांकि समझौता होने के बाद सभी बर्खास्त कर्मचारियों को बहाल कर दिया गया था।

 

हालांकि अब वहीं हालात बनते जा रहे हैं एक तरफ हरियाणा में जहां कर्मचारी आंदोलन पर अड़ गए हैं तो दूसरी तरफ सरकार ने भी सख्ती से निपटना शुरु कर दिया है। रोडवेज विभाग के करीब 200 कर्मचारियों को जेलों में डाला जा चुका है वहीं सरकार ने रोडवेज विभाग में आउटसोर्सिग पॉलिसी के जरिये ड्राइवरों और कंडक्टरों की भर्ती करने का ऐलान किया है।

समीक्षा बैठक में इस बात का भी निर्णय लिया गया कि प्रोबेशन अविध पर  चल रहे जिन चालकों ने हड़ताल में भाग लिया उनकी सेवाओं को बिना कारण बताओ नोटिस समाप्त किया जाएगा। इसी प्रकार, आऊटसोसिंग पोलिसी-॥ के तहत ठेके पर लगे 252 चालक जिन्होंने हड़ताल में भाग लिया है, उनकी सेवाएं भी समाप्त की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के साथ-साथ अधिकारियों पर भी कड़ा संज्ञान लिया और पलवल के महाप्रबंधक व बहादुरगढ़ के  वर्कस मैनेजर को भी निलम्बित करने के भी निदेश दिए। इसके अतिरिक्त, अन्य अधिकारियों की पर्दे के पीछे हड़ताल में रही भूमिका की जांच करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, प्रोबेशन पर चल रहे जिन नव नियुक्त लिपिकों ने हड़ताल में हिस्सा लिया उन्हें भी निलम्बित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में इस बात का भी निर्णय लिया गया कि आऊटसोसिंग पोलिसी-॥ के तहत 930 परिचालकों व 500 चालकों की नई भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किये जाएगे।

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