रोड़वेज की हड़ताल का ठीकरा एसीएस की सिर फोड़ा, हड़ताल के लिए एसीएस धनपत सिंह जिम्मेदार

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Yuva Haryana
Chandigarh, 27 Oct, 2018

रोडवेज की हड़ताल को आज 12वां दिन चल रहा है. इसी बीच आज रोडवेज यूनियन के पदाधिकारियों की तरफ से एक संयुक्त प्रेस नोट जारी किया गया है, जिसमें रोडवेज यूनियनों के पदाधिकारियों ने परिवहन विभाग के एडिशनल चीफ सैकेट्री धनपत सिंह को हड़ताल के लंबा खिंचने का कारण बताया है।

यह जारी किया गया है प्रैस नोट

“हड़ताल 12वें दिन भी जारी, सरकार के दमन के बावजूद प्रदेश का 99 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर। हरियाणा सरकार द्वारा स्टाफ की कमी व टायरों की कमी के कारण विभिन्न डिपुओं में खड़ी लगभग 800 बसों का संचालन करवाने की बजाय राजनीतिक संरक्षण में प्रभावशाली लोगों की प्राइवेट बसें बहुत महंगे रेट पर सभी नियम-कायदों को ताक पर रखकर गैर कानूनी ढंग से किराये पर लेने एवं कर्मचारियों पर एस्मां जैसे काले कानून लागू करने, गिरफ्तारी, मुकदमे, बर्खास्तगी, निलंबन व दमनकारी नीतियों के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल 12वें दिन भी जारी रही। सरकार की दमनकारी व नकारात्मक नीति के खिलाफ तालमेल कमेटी के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारियों ने भी करो या मरो की नीति अपनाने का ऐलान किया है।

एक संयुक्त बयान में तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र सिंह धनखड़, दलबीर किरमारा, हरिनारायण शर्मा, अनूप सहरावत, जयभगवान कादियान, सरबत सिंह पूनिया, पहल सिंह तंवर, बलवान सिंह दोदुवा, ओमप्रकाश ग्रेवाल व नरेन्द्र दिनोद,नसीब जाखड़ ने इस हड़ताल को लंबा खिंचवाने का सबसे ज्यादा जिम्मेवार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह को ठहराया है। तालमेल कमेटी ने आरोप लगाया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री तक को गुमराह किया हुआ है और अनुभवहीन चालकों से बसें चलवाकर यात्रियों की जान आये दिन जोखिम में डलवा रहे हैं वहीं परिचालकों के रूप में होमगार्ड जवानों व अन्य लोगों को चोरी करने की खुली छूट देकर विभाग को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है। तालमेल कमेटी नेताओं ने एसीएस धनपत सिंह पर यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने तालमेल कमेटी के साथ दो बार हुई बातचीत में उन्होंने कोई समाधान नहीं होने दिया।

रोडवेज तालमेल कमेटी नेताओं ने शुक्रवार रात को पुलिस द्वारा कर्मचारी नेताओं के घरों पर छापे मारने व तालमेल कमेटी नेता इन्द्र सिंह बधाना, आजाद गिल, बाबूलाल यादव सहित फरीदाबाद में 11 नेताओं को गिरफ्तार करने की कड़ी निंदा की और कहा कि यदि सरकार इस समस्या का समाधान निकालना चाहती है तो इस तरह की हरकतों से परहेज करें। उन्होंने कहा कि एक तरफ अपील, बातचीत का राग व दूसरी तरफ नेताओं की गिरफ्तारी, ये दोगलापन चलाना बंद करे सरकार। उन्होंने परिवहन मंत्री के उस बयान को भी गुमराह करने वाला बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 510 बसें चलाने का फैसला कैबिनेट में पास हो चुका है।

उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि जब कर्मचारियों की सेवानिवृति आयु सीमा का फैसला कैबिनेट में पलटा जा सकता है तो फिर ये फैसला पलटने में क्या परेशानी है लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि ये निजी बसें राजनीतिक प्रभावशाली लोगों की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के खिलाफ सरकार द्वारा हर तरह का औछा हथकंडा अपनाने के बावजूद प्रदेश का 99 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर है। अब भी समय है कि सरकार बातचीत से समस्या का समाधान करें अन्यथा आंदोलन और ज्यादा फैल जाएगा।”

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