फिल्मी पटकथा की तर्ज पर दिखती है रोजर फेडरर को मात देकर चौकाने वाले सुमित नागल की कहानी

Breaking चर्चा में देश बड़ी ख़बरें शख्सियत हरियाणा हरियाणा के खिलाड़ी हरियाणा विशेष

Pradeep Dhankhar, Yuva Haryana

jhajjar, 27 August 2019 

अमेरिका के यूएस ओपन में झज्जर के गांव जैतपुर के टैनिस खिलाड़ी सुमित नांगल ने अपने पहले ग्रैंड स्लैम में अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी फेडरर के खिलाफ तीन सैट की श्रखंला में पहला सैट जीतकर अपने प्रशंसकों की खुशी को चार चांद लगा दिए है। बेशक सुमित नागल अपने अगले दो मैच हार गए। लेकिन जीतने के बाद भी फैडरर सुमित के खेल की प्रशंसा करना नहीं भूले। उन्होंने सुमित की पीठ थपथपाई। बता दें कि अमेरिका में चल रहे यूएस ओपन में मंगलवार को तीसरी वरीयता प्राप्त स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर ने भारतीय क्वालिफायर सुमित नागल को हरा दिया।

 

फेडरर ने यह मुकाबला 4-6, 6-1, 6-2, 6-4 से जीत लिया। नागल ने टेनिस स्टार फेडरर को पहले सेट में 6-4 से हरा दिया था। मैच के बाद फेडरर ने कहा, ‘टफ मैच था। उन्होंने अच्छे फोरहैंड्स दिखाए। सुमित की तारीफ करते हुए फेडरर ने कहा कि सुमित अच्छे खिलाड़ी हैं। उनकी तकनीक सही है। वह भविष्य में एक बेहतरीन खिलाड़ी बन सकते हैं। पहला सेट मेरे लिए कठिन रहा।

 

हालांकि, इसका श्रेय भी उन्हें ही जाता है। मैं मैच में थोड़ा धीमे था।’ फेडरर 20 बार ग्रैंड स्लैम चैम्पियन हैं। उधर, नागल का यह पहला ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट है। मात्र दस साल की उम्र में पहुंचे थे भूपति की एकेडमी: सुमित हरियाणा के झज्जर जिले के छोटे से गांव जैतपुर से हैं। वे दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रहे महेश भूपति को अपना मेंटोर मानते हैं।

 

 

सुमित कहते हैं- ‘भूपति मेरे मेंटर हैं और हमेशा रहेंगे। मैं करीब 10 साल का था, तब उनकी एकेडमी में पहली बार गया था। उन्होंने मेरे खेल को निखारा। उन्होंने ही मुझे स्पॉन्सर भी किया था। सुमित बचपन फेडरर की स्टाइल कॉपी किया करते थे। फेडरर के खिलाफ मैच से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने नागल को शुभकामनाएं दी थीं। यह बोले भाई सुरेन्द्र सुमित के खेल की प्रशंसा करते हुए उसके भाई सुरेन्द्र का कहना है कि बेशक सुमित अगले दो मैच अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी फेडरर के मुकाबले हार गए हो,लेकिन पहले सेट में सुमित का प्रदर्शन काफी बेहतर था। सुरेश व सुरेन्द्र का कहना है कि बेशक सुमित अपने अगले दो मैच हार गया,लेकिन हार कर भी वह लाखों दिल जीत गए। सुमित के गांव पहुंचने पर उसका जोरदार स्वागत किया जाएगा।

 

 

सुमित की उपलब्धियों से जुड़े कप हो या ट्राफी उसे आज भी उसके पैतृक घर में सजा कर रखा गया है। हालांकि उन उपलब्धियों के साथ उसके चचेरे भाई-बहन के मैडल भी जुड़ गए है। लेकिन परिवार के लोगों का स्नेह है कि वह सुमित से जुड़ी हुई अखबारों की कटिंग और अन्य सभी दस्तावेजों को संभाल कर रखे हुए है। अक्सर सुमित के बाहर रहने से जुड़े पहलू पर भी उनका कहना है कि अगर वह बाहर नहीं जाएगा तो खेलेगा कैसे। वैसे भी अब तो उसके साथ देश का नाम जुड़ गया है। इसलिए उसके दौरे भी खेल के मुताबिक ही रहेंगे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *