IIM रोहतक के डायरेक्टर के खिलाफ दर्ज छेड़छाड़ की FIR हुई रद्द, नहीं मिला पुलिस को कोई भी सबूत

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Deepak Khokhar, Yuva Haryana

Rohtak, 7 July, 2018

IIM रोहतक के डायरेक्टर डा. धीरज शर्मा के खिलाफ दर्ज छेड़छाड़ की FIR पुलिस ने रद्द कर दी है। पुलिस को शिकायत के संबध में कोई भी सबूत नहीं मिला है, जिसके चलते केस को रद्द कर दिया गया है।

बता दें कि संस्थान की एक पूर्व महिला असिस्टेंट प्रोफेसर ने छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया था।

IIM रोहतक में पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर डा. विजय लक्ष्मी सिंह ने 30 मई को डायरेक्टर के खिलाफ महिला पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई थी। पुलिस में दी शिकायत में उसका कहना था कि सितंबर 2017 में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर ज्वाइन किया था। उसका प्रोबेशन पीरियड 3 साल का था।

लेकिन IIM डायरेक्टर का शुरूआत से ही उसके साथ व्यवहार सही नहीं रहा है। डायरेक्टर उसके साथ एक्सट्रामेरिटल रिलेशनशिप के बारे में चर्चा करता था। इसके अलावा व्यक्तिगत सेक्स लाइफ के बारे में कमेंट भी किए।

इतना ही नहीं महिला प्रोफेसर ने आरोप लगाया था कि पति के साथ सेक्स लाइफ के बारे में भी डायरेक्टर पूछा करता था। रात को साथ घूमने तक का ऑफर दिया। जिसका उसने समय- समय पर विरोध किया।

वहीं, इससे पहले IIM ने 10 मई को महिला असिस्टेंट प्रोफेसर को टर्मिनेट कर दिया था। इसके साथ ही मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कर्नल तिलक बोस ने शिकायत भी दी थी कि विजय लक्ष्मी सिंह लगातार फेकल्टी के साथ दुर्व्यवहार करती रही हैं और झूठा केस दर्ज कराने की धमकी देती रहती हैं।

उसकी सेवाएं अच्छी नहीं चलने के कारण ही उसे बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया था। इसलिए अब डर है कि वह बदला लेने के लिए झूठा केस दर्ज करा सकती है।

उधर, IIM डायरेक्टर पर दर्ज केस की जांच DSP रमेश कुमार को सौंपी गई। पुलिस ने जांच के दौरान IIM के स्टाफ से पूछताछ की। संस्थान की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली गई, लेकिन पुलिस को कोई भी ऐसा तथ्य नहीं मिला, जो महिला असिस्टेंट प्रोफेसर के आरोपों की पुष्टि करता हो।

इसलिए सभी तथ्यों के आधार पर डायरेक्टर के खिलाफ दर्ज FIR रद्द कर दी गई है। महिला पुलिस स्टेशन की एसएचओ गरिमा ने पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को शिकायत के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला है।

 

 

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