करनाल में सामने आया 300 करोड़ का चावल घोटाला

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Yuva Haryana
Karnal,11-04-2918

करनाल में 300 करोड़ रुपये का चावल घोटाला सामने आया है। डिफाल्टर घोषित राइस मिलर्स न तो चावल दे रहे हैं और न ही पैसे। 2013 से 2017 तक घोषित इन डिफाल्टरों में सबसे ज्यादा 25 राइस मिलर्स मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जिले के हैं, जिन पर 162 करोड़ रुपये बकाया हैं। वहीं विभाग के पास इन डिफाल्टरों का कोई पुख्ता डाटा तक तैयार नहीं है। हालांकि, विभाग ने खानापूर्ति के लिए कुछ राइस मिलर्स पर एफआईआर दर्ज कराई है।

पिछले दिनों CAG की रिपोर्ट पर लोक सेवा समिति ने राइस मिलर्स के मामले पर कड़ा संज्ञान लिया और दो महीने में पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। 27 मार्च को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास ने जानकारी दी थी कि राइस मिलर्स विभाग के 300 करोड़ रुपये दबाकर बैठे हैं।

डीएफएससी करनाल के दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2013-14 व 2014-15 के 22 राइस मिलर्स डिफाल्टर हैं और इन पर सरकार का 134 करोड़ रुपये बकाया है। वर्ष 2015-16 और 2016-17 के 3 राइस मिलर्स डिफाल्टर्स हैं, इन पर 27 करोड़ की देनदारी है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने 300 करोड़ रुपये की रिकवरी फंसने के बाद अब नई पालिसी तैयार की है। इसके तहत राइस मिलर्स से धान की 75 फीसदी मूल्य की बैंक गारंटी ली जाएगी, ताकि गलत राइस मिलर्स माल नहीं ले सकें। विभाग के एसीएस रामनिवास का कहना है कि फर्जीवाड़े में शामिल राइस मिलर्स पर केस दर्ज कराया है और दोषी अफसरों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही रिकवरी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

जिले के कितने राइस मिलर्स डिफाल्टर्स हैं और उन पर कितने करोड़ की देनदारी है विभाग के पास ऐसा कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। हेडक्वार्टर से आदेश मिले हैं, इस संबंध में डाटा तैयार किया जा है।

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