ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं को सौगात, बकाया बिजली सरचार्ज होगा माफ

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Chandigarh, 5 June, 2018

हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पूर्ण मौजूदा मीटरों वाले विभिन्न श्रेणियों के ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए हरियाणा सरकार ने सौगात दी है। सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बिजली बिलों के बकायादारों का सरचार्ज माफ करने का ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस संबंध में एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। गांव में सरचार्ज माफी योजनाओं को मंजूर करने का अधिकार डिस्कॉम्स के पूर्णकालिक निदेशकों (डब्ल्यूटीआई) को होगा।

अब निदेशक अपने तरीके से सरचार्ज की राशि को शर्तों या बिना शर्तों के आधार पर माफ करने की अनुमति दे सकते हैं। इसके अलावा वे जो बिल है उसका भुगतान किश्तों में भी करने की अनुमति दे सकते हैं।

गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को पूरी तरह से या कुछ राहत सरचार्ज में निदेशक की तरफ से दी जा सकती है।

इसी प्रकार वृद्धाश्रमों, बाल गृहों और गौशालाओं जैसे गैर-लाभकारी संस्थानों, जिनके पास भुगतान करने की वित्तीय क्षमता की कमी होती है। ऐसे मामले में पूर्णकालिक निदेशक मूल राशि में 50 प्रतिशत तक की छूट दे सकते हैं। इस पूर्णकालिक निदेशकों का निर्णय कार्योत्तर स्वीकृति के लिए निदेशक मंडल के समक्ष रखा जाएगा।

काटे गए कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के मामले में पुन: कनेक्शन,  रि-कनेक्शन शुल्क वसूल करने के बाद, इसे नया मामला न मानकर, मूल राशि की पहली किश्त के भुगतान पर किया जाएगा, बशर्ते पूर्ण मौजूदा मीटरों वाले घरेलू, गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं के मामले में डिस्कनेक्शन 6 महीने और कृषि उपभोक्ताओं के मामले में यह दो वर्ष तक प्रभावी रहा हो।

6 महीने या दो साल से अधिक पुराने काटे गए कनेक्शन के मामले में, आवेदक को एक नया उपभोक्ता माना जाएगा। हालांकि, बीपीएल परिवारों के मामले में, जहां पूरी मूल राशि माफ की गई है, रि-कनेक्शन बिना किसी शुल्क के  किया जाएगा।

अधिसूचित या डार्क जोन में काटे गए कनेक्शन किसी भी नलकूल को पुन: कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में, ईंधन अधिभार समायोजन (एफएसए) के बिना, प्रति माह 40 यूनिट प्रति किलोवाट व गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ग्रामीण क्षत्रों में प्रति माह 75 यूनिट प्रति किलोवाट की दर से आपूर्ति कोड के अनुसार मूल राशि का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।

इसी प्रकार, औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति माह 160 यूनिट प्रति किलोवाट की दर से पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। 17 जून, 2005 से पहले की अवधि से संबंधित बकाया राशि 2005 की पूर्ववर्ती माफी योजना को ध्यान में रखते हुए माफ की जाएगी।

 

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