1100 रोडवेज कर्मियों की तीन महीने से अटकी सेलरी, जानिए वजह ?

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Yuva Haryana, Jind 

देश में रोडवेज के विभिन्न डिपो में पिछले साल नवंबर-दिसंबर महीने में म्युच्यूअल ट्रांसफर नियम के तहत जिन चालक-परिचालकों ने तबादले करवाए थे उन कर्मचारियों की तीन महीने से सेलरी अटकी हुई हैं। आपको बता दें कि से मतलब है कि म्युच्यूअल ट्रांसफर नियम का मतलब हैं कि अगर कोई कर्मचारी दूसरे डिपो में जाना चाहता है और दूसरे डिपो का कर्मचारी उस डिपो में आना चाहता है तो वह आपस में ट्रांसफर करवा सकते हैं। दोनों की आपसी सहमति से एक-दूसरे डिपो में बदली हो सकती है।

बता दें कि पिछले साल नवंबर और दिसंबर महीने में प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो के 1100 चालक-परिचालकों और सब इंस्पेक्टरों ने स्थानांतरण तबादला नीति के तहत आपसी तबादले करवाए थे। इन कर्मचारियों के तबादले हो गए, लेकिन उसके बाद इनकी सेलरी नहीं बन पाई। दरअसल, इन कर्मचारियों की सेलरी नहीं बनने के पिछे का कारण बता दें कि डिपो में तो इन कर्मचारियों को एक-दूसरे डिपो में स्थानांतरित कर दिया गया, लेकिन मुख्यालय के लेवल पर इन्हें अभी तक रिलीव नहीं किया गया। एचआरएमएस(ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) में इन चालक-परिचालकों को उनके मूल डिपो में ही दिखाया जा रहा है। वहीं चालक-परिचालकों की सेलरी संबंधी समस्या को विभाग के मुख्यालय से अवगत करवाया जा चुका है। उन्हें उम्मीद है जल्द ही चालक-परिचालकों की सेलरी बन जाएगी और उन्हें मिल जाएगी।

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