71वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम का आरंभ, सदगुरू माता सुदीक्षा जी ने दिया मानवता को लेकर संदेश

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Dalbir Rathi, Yuva Haryana

Gannaur, 24 Nov, 2018

संत निरंकारी मिशन के 71वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम की शुरूआत के पहले दिन तीन दिवसीय संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल भक्ति भाव से युक्त सकारात्मक ऊर्जा से आलोकित हो गया।

जिसमें भारत व दूर देशों से अब तक 3 लाख से भी अधिक श्रद्धालु सर्वशक्तिमान ईश्वर के प्रति समर्पित पावन भावनाओं को धारण करते हुए शामिल हुए। समागम के विभिन्न दृश्यों से मिशन की विचारधारा परिलक्षित हो रही है। संत निरंकारी मंडल के प्रधान गोबिंद सिंह मंडल, केन्द्रीय योजना एवं सलाहकार बोर्ड के चेयरमैन  केण्आरण्चड्ढा ने समस्त साध संगत की ओर से सदगुरू माता का फूलों के गुलदस्ते भेंट करके हार्दिक स्वागत किया।

सद्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज के समागम स्थल पर दोपहर 1 बजे आगमन से ही समागम शुभारम्भ हुआ। सदगुरू माता की शोभा यात्रा के रुप में मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंच तक ले जाया गया। सदगुरू माता खुले वाहन पर खड़े होकर भक्तों का अभिवादन स्वीकार करते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान कर रही थी।

शोभा यात्रा में मिशन के समागम के प्रबंधक और दूर देशों से आए हुए मिशन के महापुरुष शामिल हुए। संत समागम का आरंभ सदगुरू माता जी द्वारा मानवता के नाम सन्देश से हुआ। गन्नौर की इस पावन धरती पर पहली बार सन्त समागम हो रहा है। इसमें देश के कोने कोने से और छोटे- छोटे गांव से लेकर बड़े- बड़े शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं, जो अनेकता में एकता का दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं।

सद्गुरू माता जी ने कहा कि संसार के लोगों में किंतनी भी विभिन्नता क्यों न हो वे सारे एक ही परमपिता परमात्मा की संतान हैं। यह संदेश मिशन संपूर्ण विश्व में फैलाना चाहता है। जब यह बोध लोगों के मनों में प्रवेश करता है तब ईश्वर की प्रत्येक रचना के प्रति निस्वार्थ प्रेम और आदर सत्कार की भावना उत्पन्न होती है।

माता ने कहा कि संत निरंकारी मिशन द्वारा सामाजिक जिम्मेदारीयां भी संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के माध्यम से वृक्षारोपण व सफाई अभियान जैसे विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के द्वारा निभाई जा रही हैं, जिससे यह संसार निर्मल और शांतिपूर्ण बन पाए। अमृतसर के निकट हमारे सत्संग कार्यक्रम में ग्रेनेड द्वारा हुए हमले का जिक्र करते हुए सदगुरू माता ने कहा कि इससे मृतकों के परिवारों व घायल भक्तों की श्रद्धा भक्ति एवं विश्वास में कोई कमी नहीं आई है।

उनमें से कुछ भक्त तो आज इस समागम में पहुंच भी चुके हैं। निरंकार से प्रार्थना है कि बाकी भी जल्द ही स्वस्थ होकर उसी तरह सत्संग में भाग लें, जैसे पहले लेते थे। यह सन्त समागम मिशन के पूर्व प्रमुख सदगुरू माता सविंदर हरदेव महाराज के प्रति समर्पित किया जा रहा है।

समागम का मुख्य विषय मां सविंदर एक रोशन सफर रखा गया है। इसमें माता सविन्दर जी द्वारा दी गई शिक्षाओं पर बल दिया जा रहा है कि ब्रह्मज्ञान को अपने दैनिक जीवन में अपनायें ताकि प्रेम, करुणाए, शान्ति, सहनशीलता एवं एकता जैसे मानवीय मूल्य हमारे जीवन से परिलक्षित हों ।

 

 

 

 

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