सास ने पुत्रवधु को बनाया काबिल, खुद छोड़कर आती थी कॉलेज

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Yuva Haryana
Fatehabad, 12 May, 2018

सास और बहू की लड़ाई के किस्से तो आप रोज सुनते होंगे, लेकिन आज आपको एक ऐसी सास से रुबरु करवाते हैं जिसने अपनी पुत्रवधु को काबिल बनाने के लिए जीतोड मेहनत की। अब यह पुत्रवधु सरकारी शिक्षक लग गई हैं।

फतेहाबाद का खैरातीखेड़ा गांव है. इसमें मेवा देवी और उनके पति रामचंद्र कसाणा, खेती बाड़ी का काम करते हैं. इन्होने अपने सात बेटों को पढ़ा लिखाकर काबिल बना दिया, अब अपनी पुत्रवधु को भी खुद कॉलेज में ले जाकर काबिल बनाया।

मेवा देवी अपनी पुत्रवधु को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कॉलेज तक साथ छोड़ने जाती थी, वो बीए के साथ-साथ अपनी पुत्रवधु को जेबीटी करवाई। आज उऩकी पुत्रवधु सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं।

इधर मनोहर सरकार ने भी मेवा देवी के हौंसले की सराहना की है. मनोहर सरकार ने मेवा देवी को सर्वश्रेष्ठ माता का पुरस्कार मेवा देवी को दिया है।

मेवा देवी के मुताबिक उसके बेटे की शादी हिसार के ढाणी श्यामलाल गांव में हुई थी, यहां पर आने के बाद उनकी पुत्रवधु मधु बीए की पढाई कर रही थी लेकिन अब शादी के बाद वो पढाई छोड़ना चाहती थी, लेकिन मेवा देवी ने पढाई नहीं छोड़ने दी, वो मधु को खुद तीन किलोमीटर दूर दरियापुर में कॉलेज छोड़ने के लिए जाती थी।

मेवा देवी ने मधु की पढाई के लिए जी-जान से मेहनत की, रातों को नींद ना आ जाए इसलिए आधी-आधी रात को चाय बनाकर देती थी. मेवा देवी के सात बेटे हैं और सातों ही सरकारी नौकरी में हैं। अब पुत्रवधु भी चंडीगढ में सरकारी शिक्षक है।

 

 

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