स्ट्रीट लाइट का ठेका मुंबई की कंपनी को दिया, हरियाणा की कंपनी पांच करोड़ कम में करने को तैयार

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Ajay Atri, Yuva Haryana
Rewari, 23 June, 2018
भले ही हमारी खट्टर सरकार प्रदेश को भरष्टाचार मुक्त बनाने के लाख दावे करे, लेकिन कुछ भृष्ट अधिकारी सरकार के इन दावों को पलीता लगाने बाज नहीं आ रहे। ऐसा ही एक मामला रेवाड़ी के औधोगिक क़स्बा बावल में देखने को मिला, जहाँ की एक एलईडी लाइट बनाने वाली लघु उद्योग इकाई के संचालक ने आरटीआई व सीएम विंडो के माध्यम से पीएम और सीएम कार्यालय से सवाल करते हुए जानकारी मांगी है कि हाल ही में रेवाड़ी में नगर परिषद् द्वारा 10 हजार स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए मुम्बई की एक कंपनी को यह कॉन्ट्रैक्ट 24 करोड़ में देने की सहमति प्रदान की गई है।
जबकि सेम प्रोडक्ट जो यह 19.5 करोड़ में देने को तैयार है। आखिर क्यों सरकार को साढे चार करोड़ का चूना लगाया जा रहा है। तीन महीने बीत जाने पर भी सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया। जबकि यह पत्राचार पीएम और सीएम कार्यालय में स्वयं शिकायतकर्ता द्वारा निजी रूप से भी दी गई है।
शिकायतकर्ता उद्योगपति के अनुसार इस छोटे से उद्योग में इनकी माँ बतौर डायरेक्टर है और करीब 10 महिलाओं को उन्होंने यहाँ रोजगार प्रदान किया है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली सरकार आखिर क्यों गरीब महिलाओं से उनका रोजगार छीनने का कार्य कर रही है। इन्हें न तो जिला उद्योग सैंटर द्वारा और न ही नगर परिषद द्वारा इस टैंडर की जानकारी दी गई। जबकि सरकार को एड्स टैंडर में इनसे साढेचार करोड़ का फायदा हो सकता था, अपने आप में बड़ा सवाल है। इस पुरे प्रकरण में बड़े घोटाले की बू आ रही है।

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