एससी छात्राओं को नि:शुल्क साईकिल बांटने की योजना ठंडे बस्तें में

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हरियाणा सरकार द्वारा घर से दूर स्कूलों में पढऩे वाली दलित बेटियों को नि:शुल्क साईकिल देने की योजना इस बार वितरण के खराब तरीके के चलते शिक्षा विभाग के गले का फांस बनती जा रही है। शिक्षा विभाग द्वारा प्राप्त आदेशों के तहत अबकी बार साईकिल वितरण के लिए सीधे अभिभावकों के खाते में पैसा डाला जा रहा है तथा जिला स्तर पर साईकिल की स्टॉलें लगाकर प्रदर्शनी के माध्यम से छात्राओं को साईकिल खरीदने का मौका दिया जा रहा है। परन्तु स्टॉलों में सरकार द्वारा तय कीमत 2,525 रूपये से अधिक की साईकिलें ही उपलब्ध होने के चलते अभिभावकों को अपनी बेटियों को स्कूल जाने के लिए साईकिल की व्यवस्था करने में अपनी पास से पैसा लगाना पड़ रहा है।

भिवानी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में सोमवार को जिले के विभिन्न स्कूलों के अलावा साथ लगते जिले दादरी से भी सैंकड़ों की संख्या में छात्राएं जब अपने अभिभावकों के साथ साईकिल स्टालों पर पहुंची तो शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उनके फॉर्म भरवाने के बाद निर्धारित राशि 2525 राशि जमा करवाने संबंधी कहा तो छात्राओं के अभिभावकों ने हंगामा कर दिया और कहा कि हमें पहले की तरह ही सरकार अपनी मर्जी की साईकिल उपलब्ध करवाएं। हम अपने पास से पैसे भरने में समर्थ नहीं है।

इस बारे में जब शिक्षा विभाग के अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा 20 ईंची साईकिल पर 2,525 रूपये व 7% टैक्स, इसी प्रकार 22 ईंची साईकिल पर 2,775 रूपये के साथ 7% टैक्स इन बच्चों के खातों में डाले जा रहे है और आज वे इन बच्चों द्वारा साईकिल पसंद करने के बाद इनवाईस फॉर्म भर रहे है। सरकार द्वारा निर्धारित कीमत से अधिक की साईकिल खरीदने पर इसका खर्चा अभिभावकों को देना होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न साईकिल स्टोर द्वारा लगाई गई साईकिलों की कीमत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड से अधिक होने के कारण अभिभावकों को वहन करनी होगी।

छात्राओं व उनके अभिभावकों ने सरकार के साईकिल वितरण के नए तरीके से नाराजगी जताते हुए कहा कि वे आज अपने पूरे दिन की मजदूरी छोडक़र बच्चों को साईकिल दिलवाने पहुंचे थे। परन्तु स्टॉलों पर खड़ी साईकिलों की कीमत सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए पैसों से 1500 से 2 हजार रूपये अधिक है। ऐसे में वे अपने बच्चें को साईकिल कैसे दिलवाएंगे।

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