केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए स्कूली छात्र आए आगे, राखी के 9 हजार रुपये किये दान

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Ajay Lohan, Yuva Haryana
Narnoud, 26 August, 2018 
रक्षा बंधन के अवसर पर वैसे तो अनेक खबरे अखबारों में छपती है लेकिन ये खबर सुनकर हर किसी को प्रेरणा मिलेगी।रक्षा बंधन के अवसर पर लड़कों द्वारा किया गया ये कार्य हर जगह चर्चा का विषय बना हुआ है। बच्चों ने नैतिकता का पतन होने व कहने वालों को आईना दिखाने का काम किया है। 
आज लड़कियां अपने आप को स्कूलों व कॉलेजों में सुरक्षित महसूस नहीं करती क्योंकि मनचले लडक़े उन पर फब्तियां कसते रहते हैं। लेकिन कस्बे के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नारनौंद के दसवीं कक्षा के छात्र छात्राओं ने रक्षा बंधन के पावन त्योहार पर एक ऐसी ऐतिहासिक मिसाल कायम की है । खास बात ये है कि कक्षा के सभी लडक़ों ने लड़कियों को अपनी बहन मानकर उनसे राखियां बंधवाई और वचन दिया कि वे मुसिबत के समय में एक भाई की तरह उनकी पूरी जिन्दगी रक्षा करेगें। इतना ही नहीं लड़कियों ने रक्षा बंधन पर स्कूल व घर से मिले 9 हजार रुपयों को खुद खर्चने की बजाय केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए दान में दे दिए। 
 
आमतौर पर लड़कियों को माता पिता  के द्वारा मनचलों व गिरते नैतिकता के स्तर के चलते लड़कियों को स्कूल में नहीं भेजा जाता। लेकिंन कस्बे नारनौंद के सरकारी स्कूल में दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं ने रक्षा बंधन के त्योहार पर एक मिसाल कायम की है।  उन्होंने ये फैसला लिया है कि वो अब कक्षा में पढऩे वाले सभी छात्र व छात्राएं आपस में भाई बहन की तरह रहेगें। अब लड़कियों के परिजनों को स्कूल के समय अपनी लड़कियों को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि उनकी लड़कियों की रक्षा करने के लिए दर्जनों छात्र उन सभी लड़कियों के भाई बन गए है और उनसे राखी बंधवाकर वचन दिया है कि वो उनकी रक्षा के लिए हर समय तैयार रहेगें। 
वहीं लड़कियों ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए अपने स्कूल के भाइयों व घर से मिले 9 हजार रुपयों को केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए दान में दे दिया और नैतिकता की मिसाल कायम की। छात्रों ने बताया कि उनकी कक्षा में बहुत सीधा साधा माहौल है और उनके अध्यापकों व परिजनों ने संस्कार दिए हैं  कि वे स्कूल में अपने साथ पढऩे वाली लड़कियों को बहन के रूप में देखें और इस रक्षा बंधन पर सभी छात्रों ने एक मत से सभी लड़कियों से राखियां बंधवाई और शगुन के तोर पर उनको पैसे भी दिए और उनकी पूरी जिन्दगी रक्षा करने की कसम भी खाई।
 
वहीं छात्राओं ने बताया कि उनके परिजन गांव में या बाहर गांव के स्कूल में भेजने से परहेज करते थे लेकिन बड़ी जिद्द से उन्होनें नारनौंद के सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में दाखिला लिया और उनकी कक्षा में जितने भी छात्र पढ़ते हैं वो शुरू से ही सभी लड़कियों के साथ सगी बहन जैसा ही व्यवहार करते हैं और इस रक्षा बंधन पर सभी लडक़ों ने जिद्द की कि वे कक्षा की सभी लड़कियों को बहन मानकर उनसे राखियां बंधवाएगें। कक्षा के इंचार्ज अजय लोहान के मार्ग दर्शन में रक्षा बंधन का यह त्योहार ऐतिहासिक बन गया कि किसी सरकारी स्कूल में पूरी कक्षा के छात्र छात्राएं आपस में भाई बहन बनकर रहेगें ।
वही इन बच्चों के अध्यापक अजय लोहान ने बताया कि हमारे विद्यालय के छात्रों की इस पहल से प्रदेश में बहुत अच्छा संदेश जाएगा। माँ बाप हमारे विद्यालय में अपनी बेटियों को भेजते समय अब अपने आप को गौरवान्वित महसूस करेंगे।  बच्चों के इस कदम से पुरे प्रदेश में नैतिकता का पाठ सिखने को मिलेगा। और पुरे प्रदेश को नैतिकता का संदेश दिया है। इससे बढ़ते अपराध पर भी अंकुश लगेगा।

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