केंद्र सरकार की जल शक्ति अभियान में हरियाणा के सात जिले राष्ट्रीय रैंकिंग में पहले 50 में शामिल, जानिये-

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Yuva Haryana

Chandigarh, 30 July, 2019

केंद्र सरकार की जल शक्ति अभियान फ्लैगशिप योजना के तहत हरियाणा के सात जिले अंबाला, भिवानी, जींद, करनाल, कुरुक्षेत्र, सोनीपत व यमुनानगर राष्ट्रीय रैंकिंग में अब तक पहले 50 में शामिल हो चुके हैं, जो कि बहुत सराहनीय है और इस रैंकिंग में अभी और सुधार करना होगा।

हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा आज जल शक्ति अभियान की राज्य स्तरीय समन्वय कमेटी की तीसरी बैठक की अध्यक्षता कर रहीं थी, जिसमें हरियाणा में 15 सितंबर, 2019 तक चलाए जाने वाले जल शक्ति अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की गई।

अरोड़ा ने कहा कि सभी सार्वजनिक भवनों में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना सुनिश्चित किया जाये, ताकि बारिश के पानी का ज्यादा से ज्यादा संग्रहण हो सके। बैठक में बताया गया कि रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए 1037 सार्वजनिक भवनों को चिन्हित किया गया है और इन पर कार्य शुरू कर दिया गया है।

बैठक में उन्होने निर्देश दिये कि सभी उपायुक्त, जिलों में जल शक्ति अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों के प्रमाण-पत्र , ब्लाक स्तर की प्रगति रिर्पोट मुख्यालय में भेजें और जलसंरक्षण के लिए बनाई गई योजनाओं की समीक्षा करें।

भू-जल की रिचार्जिंग के लिए हर जिले में 100 बोरवेल खोदने का लक्ष्य रखा गया है। पानी को बचाने के लिए ट्यूबवेलों पर डिजिटल वॉटर मीटर लगाए जाने के लिए मीटरों की खरीद के लिए प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। इसके अलावा, प्रदेश के एक हजार स्कूलों में रेनवाटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगें व कृषि विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में 1.5 लाख सोकपिट बनाई जाएगी।

जल शक्ति अभियान के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों, सड़कों के दोनों ओर, नहरों के किनारों व सरकारी भूमि पर अब तक आठ लाख  पौधेरोपित किये जा चुके हैं। इसके अलावा, हर गांव में 500 पौधों के अनुसार राज्य के  ग्रामीण क्षेत्र में 30 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है इस कार्य के लिए गड्डों की खुदाई का कार्य शुरु किया जा चुका है।

जल संरक्षण में बेहतर कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को भविष्य में सम्मानित भी किया जायेगा। बैठक में इस बात की भी जानकारी दी गई कि अंबाला जिले की ग्राम पंचायत उगारा ने सभी भवनों पर रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाये हैं। नहर से जुड़े 4 हजार तालाबों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। जिसके लिए केंद्र सरकार द्वारा तकनीकी जानकारी ली जायेगी, ताकि इन तालाबों की क्षमता को बढ़ाकर और अधिक मात्रा में पानी को एकत्र किया जा सके।