सात अफसरों-कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर, प्रदेश सरकार ने दी मंजूरी

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें हरियाणा हरियाणा विशेष

Yuva Haryana
Chandigarh, 14 Dec, 2019

हरियाणा में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलशिप मामले में नया खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रही विजिलेंस टीम ने करोड़ों रुपये के घोटाले की बात कही है। इस मामले में अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से यह घोटाला हुआ है। अब सरकार ने सात अफसरों कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दे दिये हैं।

स्टेट विजिलेंस की जांच में हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी और चरखी दादरी में घोटाले की बात सामने आई है। इसमेंं कई अफसरों की मिलीभगत से यह सारा खेल हुआ है। जिसके बाद सरकार से इन अफसरों के खिलाफ कार्यवाही की सिफारिश की गई थी। अब इनपर मुकद्दमा दर्ज करने की सरकार ने मंजूरी दे दी है।

SHO मनीष के पैर में लगी गोली, पिस्टल चैक करते वक्त हुआ हादसा

विजिलेंस ब्यूरों की ओर से इससे पहले रोहतक, सोनीपत और झज्जर में मिली गड़बड़ी की रोहतक जबकि यमुनानगर में मिली गड़बड़ी की पंचकूला विजिलेंस थाने में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जिस पर आगे की जांच जारी है। इन जिलों में 26 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आ चुका है। जबकि बाकी जिलों की जांच भी अभी चल रही है। बता दें कि करीब छह महीने पहले एसी-बीसी वेलफेयर डिपार्टमेंट में तत्कालीन निदेशक संजीव वर्मा ने इसका खुलासा किया था।

हरियाणा विजिलेंस की 12 में से 7 मामले पाए गए सही, देखिये पूरी रिपोर्ट

3 साल से हो रही जांच
विजिलेंस की ओर से 2016-17 से 2018-19 तक एससी-बीसी के स्टूडेंट्स को जारी की गई स्कॉलरशिप की जांच की जा रही है। इसमें सामने आया है कि स्टूडेंट्स के आधार नंबर बदलकर यह फर्जीवाड़ा किया गया। अनेक फर्जी स्टूडेंट्स के नाम स्कॉलरशिप जारी कर दी गई।

क्या है स्कीम ?
स्कीम के अनुसार एससी स्टूडेंट्स को 230 से 1200 रुपए, बीसी स्टूडेंट्स को 160 से 750 रुपए तक मासिक स्कॉलरशिप तय की गई। 2017-18 से इन वर्ग के स्टूडेंट्स के लिए ट्यूशन फीस का 25 फीसदी या 5 हजार रुपए, जो कम है, वह देने का प्रावधान भी है।

पंचकूला में सैलून मंथली मामले की होगी जांच, डीआईजी भारती अरोड़ा करेंगी जांच

इनके खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर
चंडीगढ़ मुख्यालय के निलंबित डिप्टी डायरेक्टर अनिल कुमार, रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र सिंह सांगवान, रिटायर्ड जिला कल्याण अधिकारी बलवान सिंह, भिवानी में रहे पंचकूला के जिला कल्याण अधिकारी विनोद कुमार चावला, भिवानी में रहे नारनौल के जिला कल्याण अधिकारी सुरेश कुमार, चंडीगढ़ मुख्यालय में कार्यरत निलंबित सहायक बिलेंद्र सिंह और सोनीपत जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय के निलंबित लेखाकार कम लिपिक सुरेंद्र कुमार के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए गए हैं। इनमें डिप्टी डायरेक्टर अनिल कुमार, रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र सांगवान, सहायक बलेंद्र सिंह, लेखाकार सुरेंद्र कुमार और रिटायर्ड जिला कल्याण अधिकारी बलवान सिंह का नाम रोहतक में दर्ज हो चुकी एफआईआर में भी आ चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *