Home Breaking हरियाणा की बेटी ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड, जानिए

हरियाणा की बेटी ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड, जानिए

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Yuva Haryana

Rohtak, 11 Nov, 2019

रोहतक की शेफाली वर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाली पहली युवा भारतीय बन गई हैं। स्टइंडीज के खिलाफ भारतीय महिला टीम की 15 साल की ओपनर बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने शानदार अर्धशतक बनाया। बता दें कि शेफाली का यह इंटरनेशनल क्रिकेट में पहला अर्धशतक हैं। इस एक पारी में ही शेफाली के द्वारा भारतीय दिग्गत क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का 30 साल पुराने रिकॉर्ड को अपने नाम दर्ज कर लिया गया हैं। वहीं शेफाली के अर्धशतक जमाते ही भारत की सबसे युवा बल्लेबाज बन गई हैं।

शेफाली ने की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी……

शेफाली और मंधाना ने मिलकर टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाई. शेफाली ने अपनी पारी में 49 गेंदों पर छह चौके और चार छक्के लगाकर 73 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली. वहीं मंधाना ने 46 गेंदों में 11 चौके लगाकर 67 रन बनाए. भारत को पहला झटका 143 रन पर शेफाली के रूप में लगा. हालांकि शेफाली का विकेट गिरने के कुछ देर बाद मंधाना भी अपना विकेट गंवा बैठी. हरमनप्रीत कौर ने नाबाद 21 रन बनाए, जबकि पूजा वस्‍त्राकर अपना खाता तक नहीं खोल पाई. दीप्ति शर्मा तीन और वेदाकृष्‍णामूर्ति  15 रन पर नाबाद रहीं.

शेफाली के पिता ने बताया कि संचिन तेंदुलकर को मानती थी अपना गुरू…….

सबसे कम उम्र में सबसे तेज अर्धशतक बनाने वाली शेफाली के पिता संजीव वर्मा और मां प्रवीन ने कहा कि शेफाली शुरू से ही सचिन तेंदुलकर को आदर्श मानती है। संजीव ने बताया कि सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने की सूचना उनको फोन पर मिली। उसके बाद उन्होंने बेटी की फोटो वाला एलबम देखा और यादों को ताजा किया।

शेफाली की मां प्रवीन ने बताया कि रोहतक के लाहली स्थित चौधरी बंसीलाल क्रिकेट स्टेडियम में अपना अंतिम रणजी मैच रहे सचिन को शेफाली ने बल्लेबाजी करते देखा था। उसके बाद ही उसने सचिन के खेल से प्रेरणा लेकर क्रिकेट खेलना शुरू किया था। तभी से वह सचिन को आदर्श मानकर क्रिकेट में आगे बढ़ती जा रही हैं।

शुरुआत से ही गली क्रिकेट में दिलचस्प रहा। वहीं पांच साल पहले शेफाली के पिता जब गली में क्रिकेट खेलते थे तो उनको देख शेफाली भी खेलने के लिए पहुंच जाती थी। पिता भी बेटी की खेलने की भावनाओं को देख कर उसे साथ में खेलने का मौका देने लगे। कुछ महीनों के अभ्यास के बाद बेटी उनसे अच्छा खेलने लगी। इसी अभ्यास का परिणाम आज पुरा भारत देख रहा हैं। शेफाली ने ना सिर्फ अपने माता-पिता का नाम रोशन किया हैं बल्कि पुरे भारत का नाम रोशन किया हैं।

 

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